गंदा नाला बनी नदी में विधायक के प्रयास से जीवन, बनेगा रिवर फ्रंट

सफाई करवाते विधायक राकेश राठौर

सीतापुर के लोग इस नदी को भूल चुके थे और यह पूरी तरह गंदे नाले में तब्दील हो चुकी थी। सदर से बीजेपी विधायक राकेश राठौर ने सरायन नदी को फिर से जीवित करने का बीड़ा उठाया है।

नदी पहले थी नाल सफाई के बाद बहने लगा पानी
हाइलाइट्स

  • सीतापुर में बहती है सरायन नदी, कुछ दिनों पहले तक थी गंदा नाला
  • कूड़े से पटकर नदी का इलाका बन गया था डंपिंग इलाका
  • बीजेपी विधायक ने नदी के पुनर्जीवित करने का उठाया बीड़ा
  • व्यक्तिगत प्रयास में स्थानीय लोगों का मिला सहयोग, नजर आने लगी नदी
  • अब किनारों पर इंटरलॉकिंग और पेड़ लगाकर बनेगा रिवर फ्रंट
  • आसपास इलाके का पानी लोगों ने पीना किया था बंद, फिर से साफ हुआ पानी
सीतापुर( शशि पाण्डेय मिश्रा) कभी पूरी तरह से खत्म हो चुकी इस नदी के आस-पास लोग जाने से भी कतराते थे। इस नदी ने नाले का रूप ले लिया था। गंदगी और कचरे का यह डंपिग ग्राउंड बन गया था लेकिन अब इस इलाके की सूरत बदल गई है। नाला बन चुकी नदी फिर से जीवित हो गई है। जी हां, यहां बात रही है यूपी के सीतापुर जिले की सरायन नदी की। गुजरात के साबरमती और लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर सरायन नदी के किनारे एक छोटा सा रिवर फ्रंट तैयार किया जा रहा है। सरायन नदी में आया यह बदलाव यहां के विधायक राकेश राठौर के प्रयासों से सफल हुआ है। सरायन भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के सीतापुर और लखीमपुर जिलों के मध्य बहने वाली नदी है। यह गोमती नदी की सहायक नदी है

सीतापुर के लोग इस नदी को भूल चुके थे और यह पूरी तरह से गंदे नाले में तब्दील हो चुकी थी। सदर क्षेत्र से बीजेपी विधायक राकेश राठौर ने सरायन नदी को फिर से जीवित करने का बीड़ा उठाया है। बिना किसी सरकारी मदद के वह अपनी विधायक निधि और लोगों के सहयोग से नदी को पुनर्जीवित करने का काम कर रहे हैं। विधायक ने बताया कि नदी को पुनर्जीवित करने का काम 217 दिन से लगातार चल रहा है। शहर में यह नदी कुल सात किलोमीटर की है जिसमें दो किलोमीटर का काम पूरा हो गया है, तीसरे किलोमीटर का काम चल रहा है।

नाला बन गई थी नदी

ऐसे उठाया बीड़ा
विधायक राकेश राठौर ने बताते हैं कि बचपन में वह जब अपने पिता के साथ नदी के किनारे आते थे तो पानी बहुत साफ हुआ करता था। लोग नदी में नहाते थे और पानी में मछलियां तैरती हुई नजर आती थीं। जैसे-जैसे वह बड़े हुए, नदी एक गंदे नाले में बदल गई। बदबू और गंदगी के कारण लोगों ने उस ओर जाना बंद कर दिया और शहर का कचरा वहां डंप होने लगा। लोग इस नदी को नाला कहने लगे। उन्होंने विधायक बनते ही तय किया कि वह इस नदी को फिर से जीवित करेंगे।

दिखने लगी नदी, अब रिवर फ्रंट बनाने की तैयारी
राठौर के प्रयास से धीरे-धीरे नदी साफ होने लगी। इस इलाके का हाल यह है कि यहां पर अब दो किलोमीटर के दायरे में लोगों ने नदी किनारे आना शुरू कर दिया है। आसपास लगे जिन हैंडपंप का लोगों ने पानी पीना बंद कर दिया था, वह फिर से पीने योग्य हो गया है। विधायक ने बताया कि नदी के सात किलोमीटर का काम पूरा होने के बाद किनारों पर इंटरलॉकिंग और पेड़ लगाए जाएंगे ताकि इसके किनारे एक रिवर फ्रंट की तरह खूबसूरत बन सकें और लोग वहां समय बिताने आ सकें।

सफाई के बाद अब ऐसी दिखने लगी नदी

नगर पालिका नहीं दे रहा साथ
राकेश राठौर ने बताया कि इलाके के बारह से चौदह नाले ऐसे हैं जो सीधे नदी में गिरते हैं। उन्होंने नगर पालिका को कई बार पत्र लिखकर नालों से गंदा पानी सीधा नदी में गिरने से रोकने का अनुरोध किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसे लेकर वह शासन से शिकायत कर चुके हैं लेकिन नगर पालिका उनका साथ नहीं दे रही है।

सीतापुर सरायन नदी के लिए इमेज परिणाम

सरकार से सहयोग की आस
विधायक ने बताया कि उनके नदी सफाई अभियान में स्थानीय लोगों का भी बहुत साथ मिल रहा है। लोग श्रमदान के रूप में भी आकर काम कर रहे हैं। अब तक नदी सफाई में लगभग 65 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। उन्होंने इस मामले में सीएम योगी से मुलाकात की थी और उन्होंने सहयोग करने का आश्वासन दिया था। सीतापुर सरायन नदी के लिए इमेज परिणामउन्होंने कहा कि सरकार से मदद मिले तो नदी सफाई का काम तेजी पकड़ लेगा और जल्दी पूरा हो जाएगा।  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन नमामि गंगे अभियान को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को शहर की जीवनदायिनी सरायन नदी के सफाई का अभियान छेड़ दिया है। सदर विधायक राकेश राठौर की पहल पर सरायन नदी की सफाई का श्रीगणेश हो गया है।

इस अभियान में पोकलैंड मशीन से नदी से सिल्ट की सफाई की जाएगी, बाद से उसे छायादार वृक्षों को लगाकर इसे हरा-भरा बनाया जाएगा। शहर के कैंची पुल के समीप नगर विधायक राकेश राठौर व जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने पहले पूजन अर्चन किया। बाद में फीता काटकर सरायन नदी की सफाई का अभियान शुरू किया।सीतापुर सरायन नदी के लिए इमेज परिणाम

विधायक राठौर ने कहा कि सरायन नदी को साफ सुथरा बनाने का संकल्प लिया था, जिसे पूरा करना है। उन्होंने कहा कि नदियां जीवनदायिनी होती हैं। इनके संरक्षण से ही पर्यावरण को शुद्ध बनाए रखा जा सकता है। राकेश राठौर ने कहा कि नमामि गंगे की तर्ज पर कैंची पुल के नीचे से सफाई अभियान की शुरुआत की गई है। à¤¸à¥€à¤¤à¤¾à¤ªà¥à¤° सरायन नदी के लिए इमेज परिणाम

सरायन नदी को पोकलैंड मशीन के जरिए साफ किया जाएगा। यह अभियान बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती 14 अप्रैल तक अनवरत चलेगा। जिलाधिकारी शीतल वर्मा ने कहा कि नदियां हमारी जीवनदायिनी हैं, इनके बिना एक स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण की कल्पना नहीं की जा सकती है। à¤¸à¥€à¤¤à¤¾à¤ªà¥à¤° सरायन नदी के लिए इमेज परिणाम

उन्होंने नदी के बंद पड़े स्रोतों को खुलवाने के लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता, रामेंद्र शुक्ला, राहुल जायसवाल, संजय मिश्रा, अचिन मेहरोत्रा, राजीव मेहरोत्रा, अवनींद्र विक्रम सिंह, सुभाष अग्निहोत्री, सतीश जायसवाल, सहज गुप्ता, गोपाल टण्डन, प्रेम अग्रवाल, राकेश गुप्ता आदि उपस्थित थे।सीतापुर सरायन नदी के लिए इमेज परिणाम

सरायन का गोला से गोमती तक का है सफर
शहर के बीचोंबीच से निकली सरायन नदी का उद्गम स्थल लखीमपुर का गोला तहसील है। यहां से नदी निकलकर सीधे लखनऊ के गोमती नदी में मिलती है। अगर नदी के अस्तित्व की बात की जाए करीब 20 साल पहले नदी अपने पूरे उफान पर बहती थी।
सीतापुर सरायन नदी के लिए इमेज परिणाम
उसके बाद जैसे-जैसे शहर की आबादी बढ़ी उसके किनारों पर अतिक्रमण होने लगा। शहर का गंदा पानी नदी में आने लगा। इससे एक तो नदी में गंदगी हो गई वहीं इसका आकार सिमट गया। अब जब नदी की सफाई शुरू हुई तो लोगों में उम्मीद जगी कि वह एक बार फिर से अपने पुराने अस्तित्व पर लौट आएगी।

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