कर्नाटक में बनेगी बीजेपी सरकार, येदियुरप्पा को 21 तक साबित करना होगा बहुमत

 कांग्रेस बोली- अब हमारे पास 2 रास्ते-राष्ट्रपति के पास जाएं या कोर्ट,बीजेपी को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीटें मिली है. सबसे बड़ा दल होने के नाते बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था.

बेंगलुरुः कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद पैदा हुए राजनीतिक संकट पर राज्यपाल वजूभाई वाला ने निर्णय ले लिया है. राज्यपाल ने बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिया है. कर्नाटक से बीजेपी विधायक सुरेश कुमार के मुताबिक गुरुवार सुबह 09.30 बजे येदियुरप्पा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. हालांकि राजभवन ने शपथ ग्रहण को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है. राज्यपाल ने येदियुरप्पा को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 21 मई तक का समय दिया है. बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिए जाने की खबर मिलने के बाद से कांग्रेस खेमे में हड़कंप मच गया. कांग्रेस नेता पी चिदंबरम और कपिल सिब्बल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राज्यपाल द्वारा उठाए गए इस कदम को गलत बताया और कहा कि बीजेपी लोकतंत्र की हत्या कर रही है.

ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस अब इस मामले में कानून के जानकारों की राय लेकर अगल कदम उठाने की तैयारी में है. बता दें कि कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 112 सीटों की आवश्यकता है. लेकिन बीजेपी को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीटें मिली है. सबसे बड़ा दल होने के नाते बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. वहीं कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देते हुए बहुमत का दावा किया है. कांग्रेस जेडीएस के कुमारस्वामी को सीएम बनाने पर सहमत है और आज (बुधवार) कुमारस्वामी ने जेडीएस और कांग्रेस विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात की थी.

आज (बुधवार को) कुमारस्वामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने राज्यपाल  को 117 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा है और सरकार बनाने का दावा पेश किया है. राज्यपाल ने भी उन्हें संविधान के मुताबिक निर्णय लेने का आश्वासन दिया है. जबकि येदियुरप्पा ने बुधवार को नतीजे आने के बाद ही राज्यपाल से मुलाकात की थी और सबसे बड़ा दल होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश किया था. राज्यपाल ने दोनों ही पक्षों से मुलाकात करने के बाद संवैधानिक दायरे में रहकर निर्णय लेने की बात कही थी.

 कांग्रेस बोली- अब हमारे पास 2 रास्ते

पी चिदंबरम पी चिदंबरम

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला के बीजेपी को सरकार बनाने का मौका देने के बाद कांग्रेस ने इसे अनुचित कदम बताया है. कांग्रेस नेताओं ने इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि उन्हें पता चला है कि गवर्नर ने बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दिया है.

कांग्रेस की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिदंबरम ने कहा कि राज्यपाल को कानूनसम्मत कदम उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुमत होने के बावजूद हमें सरकार बनाने का मौका नहीं दिया गया. हमने राज्यपाल से मिलकर उन्हें विधायकों के समर्थन की चिट्ठी भी सौंपी थी. हमने इसके साथ ही उन्होंने गोवा के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की कॉपी भी दी थी, जो कि कानून भी है. हमें उम्मीद है कि कानून को नहीं बदला जाएगा.

इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल Image result for कपिल सिब्बलने कहा है कि उनके पास दो विकल्प हैं कि वे इस मामले को लेकर राष्ट्रपति के पास जाएं या कोर्ट में. पार्टी नेता इस बारे में विचार करेंगे कि कौन सा कदम उठाया जाना चाहिए. आपको बता दें कि बुधवार देर शाम सामने आए घटनाक्रम में राज्यपाल की ओर से बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का मौका देने की बात सामने आई. उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 21 मई तक का समय दिया गया है.

उधर, इस मामले पर कर्नाटक में मौजूद पार्टी के सीनियर नेता अशोक गहलोत ने कहा कि राज्यपाल पर बीजेपी अध्यक्ष और पीएम का दबाव है. उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला दबाव में काम कर रहे हैं. गहलोत ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गुजरात में राज्य सभा चुनाव में मिली हार का बदला लेने की भावना से काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बहुमत कांग्रेस के साथ है तो इस लिहाज से उन्हें ही सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए.

कांग्रेसी नेता विवेक तन्खा ने कहा कि मुझे लगता है कि बीजेपी को पोचिंग का मौका मिल रहा है. राज्यपाल को सिद्धांतों के आधार पर फैसला करना चाहिए. इस दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि मन की बात अब धन की बात हो गई है. संविधान का इतना पतन पहले कभी नहीं हुआ. कर्नाटक का नाटक, इसका एक छोटा सा प्रतीक है.

आपको बता दें कि मंगलवार को सामने आए कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों में 104 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिलीं. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी और कर्नाटक प्रज्ञयवंथा जनता पार्टी को क्रमशः 1-1 सीटें मिली हैं. इनके अलावा एक सीट अन्य के हिस्से में भी आई है. कर्नाटक में 222 सीटों पर मतदान हुआ था, इस हिसाब से बहुमत के लिए 112 विधायकों का समर्थन ही चाहिए.

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