कठुआ कांड : तीन को उम्रकैद , तीन को 5-5 साल की सजा,तीन पुलिसजनों पर 50-50 हजार जुर्माना और 5-5 साल सजा

 

कठुआ केस: पुजारी से पुलिसवाले ने कहा था- ‘लड़की की सांस रोक कर रखो, मैं भी मज़े ले लूं, फिर मार देना’ बच्ची के पिता बोले- हमने उसे गोद न लिया होता, तो आज वो ज़िंदा होती.जनवरी 2018 में 8 साल की बच्‍ची को अगवाकर उससे रेप और फिर उसकी हत्‍या कर दी गई थी. जिला और सत्र न्यायाधीश ने आठ आरोपियों में से सात के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किए थे.

पठानकोट:जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ हुए रेप और हत्या के मामले में पठानकोट की विशेष अदालत ने आज सात में से छह को दोषी करार दिया और सजा सुनाई. कोर्ट ने घटना के मास्टरमाइंड सांझी राम, परवेश और दीपक खजूरिया को उम्र कैद की सजा सुनाई है. इन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. तीनों पुलिसकर्मियों को, जिन्होंने सबूत मिटाने में मदद की थी, कोर्ट ने 50-50 हजार का जुर्माना और 5-5 साल की सजा सुनाई है. जुर्माना न चुकाने पर इन्हें जेल में 6 महीने ज्यादा गुजारने होंगे.Kathua Rape Case Verdict LIVE: कठुआ रेप और  मर्डर केस में सजा का ऐलान, 3 दोषियों को उम्रकैद

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कठुआ रेप केस मामले में हुई सजा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह दोषियों के लिए फांसी की सजा की उम्मीद कर रही थी. जम्मू कश्मीर सरकार को हाई कोर्ट में अपील करनी चाहिए.बता दें कि कोर्ट ने आज कठुआ केस में कोर्ट ने मुख्य आरोपी सांझी राम समेत 6 आरोपियों को दोषी करार दिया. स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजुरिया, पुलिस ऑफिसर सुरेंद्र कुमार, रसाना गांव का परवेश कुमार, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, हेड कांस्टेबल तिलक राज और सांझी राम का भतीजा (जिसे नाबालिग बताया गया) को दोषी करार दिया गया है. जबकि सांझी राम के बेटे विशाल को बरी कर दिया गया. उसपर एक मुकदमा जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में भी चल रहा है.बचाव पक्ष के वकील मास्टर मोहनलाल के मुताबिक, मुख्य आरोपी सांझी राम के बेटे विशाल को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है. विशाल मेरठ यूनिवर्सिटी में पढ़ता है, जिरह के दौरान ये साबित नहीं हो पाया कि वह घटना के वक्त मौजूद था.कोर्ट ने इस केस में तीनों पुलिसकर्मियों को आईपीसी की धारा 201 (सबूत मिटाने) का दोषी करार दिया है. इसमें अधिक से अधिक 3 साल की सजा होती है. वहीं, मुख्य आरोपी सांझी राम पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 376 (रेप), 328 (अपराध करने के आशय से जहर या नशीला पदार्थ खिलाना), 343 (तीन या उससे अधिक दिनों के लिए बंदी बनाए रखना) लगाई गई हैं.

ANI

@ANI
National Commission for Women Chairperson, Rekha Sharma: Was expecting capital punishment for Kathua rape and murder criminals. Jammu and Kashmir government must go for appeal in higher court. (File pic)
4:56 AM – Jun 10, 2019

कठुआ गैंग रेप में सजा का ऐलान.

दीपक खजूरिया – उम्र कैद
सांझी राम – उम्र कैद
प्रवेश कुमार -उम्रकैद
तिलक राज- 5 साल की सज़ा
सुरेंद्र कुमार- 5 साल की सज़ा
आनंद दत्ता- 5 साल की सज़ा
जम्मू-कश्मीर के कठुआ गैंगरेप और मर्डर केस 8 साल की मासूम को 17 महीने बाद इंसाफ मिल गया है। पठानकोट सेशन कोर्ट ने 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार देने के बाद सोमवार को सजा का ऐलान कर दिया। मामले के मुख्य साजिशकर्ता सांजी राम, परवेश कुमार और पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वहीं पुलिस ऑफिसर सुरेंदर शर्मा, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और एसआई आनंद दत्ता को पांच-पांच साल की कैद की सजा दी गई है।
पिछले साल 10 जनवरी को बकरवाल समुदाय से ताल्लुक रखने वाली बच्ची का अपहरण किया गया था। इसके बाद 17 जनवरी को उसका शव क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ था। इस सनसनीखेज मामले के खिलाफ पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हुए और पीड़िता के लिए न्याय की गुहार लगाई गई। इस वीभत्स मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 15 पन्ने की चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे।
चार्जशीट के अनुसार, बकरवाल समुदाय की इस मासूम बच्ची का अपहरण, रेप और मर्डर इलाके से इस अल्पसंख्यक समुदाय को हटाने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। दोषियों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में लागू रणबीर पेनल कोड(आरपीसी) के आधार पर सजा सुनाई गई। कठुआ कांड के दोषियों को किन धाराओं के तहत दोषी पाया गया, जानिए यहां-
सांजी राम- आरपीसी की धारा 302 (हत्या), 376 (रेप), 120 बी (साजिश) के तहत दोषी करार देन के बाद कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। रासना गांव में देवीस्थान, मंदिर के सेवादार सांजी राम को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। मास्टरमाइंड संजी बकरवाल समुदाय को हटाने के लिए इस घिनौने कृत्य को अंजाम देना चाहता था। इसके लिए वह अपने नाबालिग भतीजे और अन्य छह लोगों को लगातार उकसा रहा था।
आनंद दत्ता- आरपीसी की धारा 201(सबूतों को नष्ट करना) के तहत दोषी करार देने के बाद दत्ता को 5 साल की कैद की सजा सुनाई है। सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता ने सांजी राम से चार लाख रुपये रिश्वत लेकर महत्वपूर्ण सबूत नष्ट किए। 
परवेश कुमार-
 आरपीसी की धारा 120 बी, 302 और 376 के तहत दोषी करार देने के बाद परवेश को उम्रकैद की सजा दी गई है। पवरेश मामले की साजिश रचने में शामिल था। परवेश ने बच्ची के साथ रेप किया और गला दबाकर उसकी हत्या की।

दीपक खजुरिया-आरपीसी की 120 बी, 302, 34, 376D, 363, 201, 343 के तहत दोषी करार दिए जाने के बाद खजुरिया को उम्रकैद की सजा दी गई है। विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया ने बच्ची को नशीली दवाएं देकर रेप किया। इसके बाद उसका गला घोंटकर मार दिया।
सुरेंदर वर्मा- आरपीसी की धारा 201 के तहत दोषी करार दिए जाने के बाद वर्मा को पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई है। जम्मू-कश्मीर में विशेष पुलिस अधिकारी सुरेंदर वर्मा ने भी सबूत नष्ट करने किए।
तिलक राज- आरपीसी की धारा 201 के तहत दोषी करार दिए जाने के बाद तिलक राज को पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई है। हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज ने भी सांजी राम से रिश्वत लेकर महत्वपूर्ण सबूत नष्ट किए।
कठुआ गैंगरेप और मर्डर केस में सातवें आरोपी सांजीराम के बेटे विशाल को कोर्ट ने बरी कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, एक नजर में घटनाक्रम-
4 जनवरी 2018: साजिशकर्ता सांजी राम ने बकरवाल समुदाय को क्षेत्र से हटाने के लिए खजुरिया और प्रवेश कुमार की योजना में शामिल होने के लिए अपने नाबालिग भतीजे को तैयार किया।
7 जनवरी 2018: दीपक खजुरिया और उसका दोस्त विक्रम ने नशे की गोलियां खरीदीं। सांजी राम ने अपने भतीजे को कहा कि वह बच्ची का अपहरण कर ले।
8 जनवरी 2018: नाबालिग ने अपने एक दोस्त को इस बारे में जानकारी दी।
9 जनवरी 2018: नाबालिग ने भी कुछ नशीली दवाएं खरीदीं।
10 जनवरी 2018: साजिश के तहत नाबालिग ने मासूम बच्ची को घोड़ा ढूंढने में मदद की बात कही। वह उसे जंगल की तरफ ले गया। बाद में बच्ची भागने की कोशिश की लेकिन आरोपियों ने उसे धर दबोचा। इसके बाद उसे नशीली दवाएं देकर उसे एक देवी स्थान के ले गए, जहां रेप किया।

11 जनवरी 2018: नाबालिग ने अपने दोस्त विशाल को कहा कि अगर वह मजे लूटना जाता है तो आ जाए। परिजनों ने बच्ची की तलाश शुरू की। देवीस्थान भी गए लेकिन वहां उन्हें सांजी राम ने झांसा दे दिया। दोपहर में दीपक खजुरिया और नाबालिग ने मासूम को फिर नशीली दवाएं दीं।
12 जवनरी 2018: मासूम को फिर नशीली दवाएं देकर रेप। पुलिस की जांच शुरू। दीपक खजुरिया खुद जांच टीम में शामिल था जो सांजी राम के घर पहुंचा। राम ने उसे रिश्वत की पेशकश की। हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज ने कहा कि वह सब-इंस्पेक्टर आनंद दत्ता को रिश्वत दे। तिलक राज ने 1.5 लाख रुपये रिश्वत दिए।
13 जनवरी 2018: विशाल, सांजी राम और नाबालिग ने देवी स्थान पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद लड़की के साथ रेप किया और उसे फिर नशीली दवाएं दीं। इसके बाद बच्ची को मारने के लिए वे एक पुलिया पर ले गए। यहां पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया ने कहा कि वह कुछ देर और रुक जाएं क्योंकि वह पहले रेप करना चाहता है। इसके बाद उसका गला घोंटकर मार दिया गया।
15 जनवरी 2018: आरोपियों ने मासूम के शरीर को जंगल में फेंक दिया।
17 जनवरी 2018: जंगल से मासूम बच्ची का शव बरामद।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *