एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ी मोदी की लोकप्रियता, राहुल को जोर का झटकाः सर्वे

सीवोटर-आईएएनएस स्टेट ऑफ द नेशन ओपिनियन पोल के अनुसार, 7 मार्च को सर्वे में शामिल  51 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे केंद्र सरकार के काम से बहुत संतुष्ट हैं. जबकि एक जनवरी को यही संख्या 36 प्रतिशत थी. वहीं 7 मार्च को नेट अप्रूवल रेटिंग में भी जबरदस्त उछाल आया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल/ PTI)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल/ PTI)

नई दिल्ली, 12 मार्च ! पुलवामा में आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर किए गए एयर स्ट्राइक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बढ़ गई है. प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के साथ लोगों के संतुष्टि के स्तर में जबदस्त बढ़ोतरी है, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इस मामले में नुकसान हुआ और उनकी रेटिंग चार्ट में गिरावट आई है.

सीवोटर-आईएएनएस स्टेट ऑफ द नेशन ऑपिनियन पोल के अनुसार, 7 मार्च को सर्वे में शामिल होने वाले 51 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे केंद्र सरकार के काम से बहुत संतुष्ट हैं. जबकि एक जनवरी को यही संख्या 36 प्रतिशत थी. वहीं 7 मार्च को नेट अप्रूवल रेटिंग में भी जबरदस्त उछाल आया है और यह वर्ष की शुरुआत के 32 प्रतिशत के मुकाबले लगभग दोगुना होकर 62 प्रतिशत तक पहुंच गया है.  यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है.

सीवोटर के चुनाव विश्लेषक यशवंत देशमुख ने ट्रेंड के बारे में बताया कि एक जनवरी और सात मार्च के बीच देश में दो महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं. पहला केंद्रीय बजट और दूसरा पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक की घटना.

उन्होंने कहा कि बजट के बाद हमने देखा कि नेट अप्रूवल रेटिंग में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है. इसलिए इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि बजट से एनडीए सरकार के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं मिला. लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद ट्रेंड में निर्णायक बढ़ोतरी और बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद इसमें जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रूवल रेटिंग पुलवामा हवाई हमले के साथ बढ़ी है.

दूसरी तरफ, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वर्ष की शुरुआत 23 प्रतिशत के अप्रूवल रेटिंग के साथ की थी, लेकिन पुलवामा आतंकी हमले और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद राहुल की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 8 प्रतिशत तक पहुंच गई है.अब जब लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है और सभी दल अपने प्रचार में जुट चुके हैं तो चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद रेटिंग बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

अब कांग्रेस करेगी राष्ट्रीय सुरक्षा पर फोकस

कांग्रेस पार्टी से जुड़े शीर्ष सूत्रों ने न्यूज18 को बताया कि आतंकी वारदातों पर तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना और अर्धसैनिक बलों के लिए शहीद का दर्जा प्रदान करना जैसे बिंदुओं को घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा.

लोकसभा चुनाव 2019: एयर स्ट्राइक से बीजेपी ने बनाई बढ़त, अब कांग्रेस करेगी राष्ट्रीय सुरक्षा पर फोकसराहुल गांधी और सोनिया गांधी (फाइल फोटो)
लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाने  को है. कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा की गारंटी दे अपने घोषणा पत्र में भी इसका जिक्र करेगी. कांग्रेस पार्टी से जुड़े शीर्ष सूत्रों ने  बताया कि आतंकी वारदातों पर तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना और अर्धसैनिक बलों के लिए शहीद का दर्जा प्रदान करना जैसे बिंदुओं को घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा.
पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक से पहले विपक्ष इस बात को लेकर आश्वस्त था कि मतदाता बढ़ती बेरोजगारी के कारण सरकार से नाराज हैं. हालांकि इस कार्रवाई के बाद बीजेपी को बड़ी बढ़त मिलती दिख रही है. ऐसे में कांग्रेस भी अब राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी कर रही है.Image result for एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ी मोदी की लोकप्रियता
एयर स्ट्राइक के बाद कांग्रेस ने तय किया था कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाएगा और पार्टी ने सरकार का साथ दिया, लेकिन जब इसने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आईं रिपोर्ट्स का हवाला देकर मारे गए आतंकियों की संख्या पूछनी शुरू की तो बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर ‘सेना पर सवाल’ खड़े करने का आरोप लगाते हुए उसे ‘राष्ट्र विरोधी’ करार दिया.
इसके बाद कांग्रेस ने फिर इस पर पुनर्विचार किया और तय किया गया कि बाकी विपक्ष की तरह कांग्रेस भी लोगों के मुद्दों पर ध्यान लगाएगी. हालांकि कांग्रेस इस बात को अच्छी तरह जानती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा ऐसा मुद्दा है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. यहीं वजह है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने मसूद अजहर की रिहाई पर सवाल उठाकर बीजेपी को घेरने की कोशिश की है.Image result for एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ी मोदी की लोकप्रियता
कांग्रेस की सुष्मिता देब ने कहा, ‘जब राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल आता है तो हमारा रिकॉर्ड बीजेपी से बेहतर है. संसद पर हमला उनके कार्यकाल में हुआ था. वे जब सत्ता में होते हैं तो हमले होते हैं. हम भारत के लोगों के लिए हमेशा बेहतर सुरक्षा प्रदान करेंगे.’
लेकिन क्या 26/11 हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ कांग्रेस का एक्शन धीमा नहीं था? पूर्व गृह राज्यमंत्री और कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह इसका जवाब नहीं में देते हैं. उन्होंने कहा, ‘हमने सिस्टम के तहत काम किया. अजहर पर इनाम की घोषणा की और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की.’

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