एबीपी न्यूज सर्वे: लोस चुनाव में किसी को बहुमत नहीं, एनडीए 233 , यूपीए को 167 सीट

 एबीपी न्यूज और सी-वोटर के सर्वे के मुताबिक, बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए को 38 फीसदी और कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए को 32 फीसदी और अन्य को 30 फीसदी वोट आगामी चुनाव में मिलने का अनुमान है.  लोकसभा चुनाव में 72 दिन बाकी हैं. सभी पार्टियां चुनाव के लिए कमर कस चुकी है. इस बीच एबीपी न्यूज और सी-वोटर ने देश का मूड जाना है. इसके मुताबिक आज चुनाव हुए तो एनडीए या यूपीए किसी को भी बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है.

उत्तर प्रदेश
बीजेपी को सबसे बड़ा नुकसान उत्तर प्रदेश में होता दिख रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह समाजवादी पार्टी और बीएसपी का गठबंधन है. 80 लोकसभा सीट वाले यूपी में 2014 में 73 सीट जीतने वाली एनडीए 25 सीट पर सिमटती नजर आ रही है. मायावती और अखिलेश की जोड़ी 51 सीट जीत सकती है. वहीं पूर्वांचल में प्रियंका की तैनाती के बाद भी कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं है. पिछली बार दो सीट जीतने वाली कांग्रेस 4 के आंकड़े पर पहुंच सकती हैं.

किसे मिलेगी कितनी सीटें?
सर्वे के मुताबिक, 2014 में 282 सीट जीतने वाली बीजेपी सिर्फ 203 सीट जीतती दिख रही है. पिछली बार 44 सीट जीतने वाली कांग्रेस को 109 सीट मिलने का अनुमान है. एनडीए को 233 सीट और यूपीए को 167 और अन्य को 143 सीट मिल सकती हैं. यानी कोई भी दल और गठबंधन अपने बूते बहुमत के जादुई आंकड़े 272 तक पहुंचता नहीं दिख रहा है.

वोट प्रतिशत
बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए को 38 फीसदी और कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए को 32 फीसदी और अन्य को 30 फीसदी वोट आगामी चुनाव में मिलने का अनुमान है.

 

बिहार
सर्वे के मुताबिक, बिहार में एनडीए फिर से कमाल दिखाएगा. एबीपी न्यूज और सी वोटर के सर्वे में बिहार की 40 सीटों में से एनडीए को 35 सीट मिलने का अनुमान है. तो यूपीए मात्र 5 सीट पर सिमटती नजर आ रही है. एनडीए में बीजेपी को 15 और जेडीयू-एलजेपी को 20 सीट मिल सकती हैं. वहीं यूपीए में कांग्रेस को एक और आरजेडी को 4 सीट मिलने का अनुमान है.

झारखंड
एबीपी न्यूज़-सी वोटर ने सर्वे के जरिए झारखंड की जनता की नब्ज टटोलने की कोशिश की है. इस सर्वे के मुताबिक, अगर अभी चुनाव होते हैं तो एनडीए को पांच सीटें मिल सकती हैं. वहीं यूपीए को आठ सीट मिलती दिख रही है. यूपीए में जेएमएम और कांग्रेस शामिल हैं. सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस को तीन और जेएमएम (झारखंड विकास मोर्चा)को पांच सीटें मिल सकती हैं.

मध्य प्रदेश और राजस्थान
मध्य प्रदेश और राजस्थान में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भले ही कांग्रेस सरकार बनाने में कामयाब रही हो लेकिन बीजेपी कुछ नुकसान के बावजूद कांग्रेस पर भारी पड़ रही है. एमपी की 29 लोकसभा सीटों में से 23 सीट एनडीए को मिलने का अनुमान है. वहीं यूपीए को 6 सीट मिल सकती है.

राजस्थान की 25 लोकसभा सीट में से एनडीए को 18 और यूपीए को 7 सीट मिलने का अनुमान है.

छत्तीसगढ़

बीजेपी को नुकसान होता दिख रहा है. यहां कुल 11 सीटों में से बीजेपी पांच और कांग्रेस छह सीटें जीत सकती है. 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस मात्र एक सीट जीत सकी थी वहीं बीजेपी ने 10 सीटों पर कब्जा जमाया था.

गुजरात
एबीपी न्यूज़-सी वोटर के सर्वे में हिंदी भाषी राज्यों का मूड भले ही बीजेपी से खफा नजर आ रहा हो लेकिन पीएम मोदी का गृहराज्य गुजरात अब भी मजबूती से बीजेपी के साथ खड़ा दिख आ रहा है. गुजरात की 26 लोकसभा सीटों में पिछली बार 26 सीट जीतने वाली बीजेपी 2 सीट के नुकसान से 24 सीट जीत सकती है. वहीं पिछली शून्य पर अटकी कांग्रेस गुजरात में 2 सीट जीत सकती है.

महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में बीजेपी शिवसेना की तल्खी और कांग्रेस-एनसीपी की करीबी का सीधा असर सर्वे में दिख रहा है, महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीट में से एनडीए को सिर्फ 20 और यूपीए को 28 सीट मिल सकती है. बीजेपी को 16 और शिवसेना को 4 सीट मिलने का अनुमान है. वहीं कांग्रेस को 19 और एनसीपी को 9 सीट मिलने का अनुमान है.

पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जादू बरकरार है. सर्वे के मुताबिक, राज्य में कुल 42 लोकसभा सीटों में से टीएमसी के खाते में 34, बीजेपी को 7 और कांग्रेस को एक सीट मिल सकती है. राज्य में वामपंथी दलों की स्थिति बेहद खराब दिख रही है.

ओडिशा
21 लोकसभा सीटों वाले ओडिशा में बीजेपी को 12, कांग्रेस को तीन और बीजेडी को 6 सीटें मिलने का अनुमान है. यहां फिलहाल बीजेडी की सरकार है.

गोवा
2 लोकसभा सीटों वाले गोवा में बीजेपी को एक और कांग्रेस को भी एक सीट मिलने का अनुमान है. सूबे में बीजेपी सत्ता में है.

पंजाब-हरियाणा
पंजाब की बात करें तो यहां यूपीए एनडीए पर भारी पड़ रहा है. 13 सीटों में से एनडीए को एक और यूपीए को 12 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, हरियाणा की बात करें तो यहां एनडीए को सात और यूपीए को तीन सीटें मिलने का अनुमान है.

दिल्ली
राजधानी दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के लिए बुरी खबर है. यहां लोकसभा की 7 सीटों में से आप एक भी सीट पर जीतती हुई नहीं दिख रही है. यही स्थिति कांग्रेस की भी है. जबकि राज्य की सभी सात सीटें बीजेपी के खाते में जाती हुई दिखाई दे रही हैं.

दक्षिण भारत
दक्षिण भारत में एक बार फिर एनडीए नाकामयाब होती दिख रही है. तमिलनाडु, केरल, आंध्र, तेलंगाना, कर्नाटक को मिलाकर कुल 129 लोकसभा सीटें हैं जिसमें से एनडीए के खाते में सिर्फ 14 सीटें, यूपीए को 69 जबकि अन्य के खाते में 46 सीटें जाती हुई दिख रही है.

पूर्वी भारत
पूर्वोत्तर राज्यों असम, अरुणाचल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा में एनडीए के लिए अच्छी खबर है. सर्वे के मुताबिक, 25 लोकसभा सीटों वाले इन राज्यों में एनडीए को 14, यूपीए को 9 और अन्य को 2 सीटें मिलने की संभावना है. सीटों के लिहाज से पूर्वोत्तर से पीएम मोदी के लिए बेहद अच्छी खबर है. अकेले असम की बात करें तो यहां की 14 सीटों में से एनडीए को 6, यूपीए को 7 और अन्य को एक सीट मिल सकती है.

उत्तर भारत- सर्वे के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड की 45 सीटों में से एनडीए को 26 और यूपीए को 19 सीटें मिलने का अनुमान है.

 क्या राफेल विवाद से पीएम मोदी की साफ छवि बिगड़ी है?

ABP News Survey Over Rafale Deal Is Rafale Deal Controversy Malign PM Modi Image

44.9 फीसदी लोगों का मानना, मोदी की छवि को कोई नुकसान नहीं- सूत्र

ABP न्यूज़-सी वोटर सर्वे के मुताबिक, 44.9 फीसदी लोगों का मानना है कि इस मुद्दे से पीएम मोदी की छवि को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. वहीं 24.8 फीसदी लोगों का मानना है कि इससे पीएम मोदी की छवि को बहुत नुकसान हुआ है. 21.7 फीसदी लोगों का मानना है कि कुछ हद तक पीएम मोदी की छवि को नुकसान हुआ है. जबकि 8.6 फीसदी लोगों ने इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया.

आपको बता दें कि राफेल को लेकर राहुल गांधी का आरोप है कि पीएम मोदी ने अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपये की चोरी करने में मदद की. कांग्रेस अध्यक्ष बार-बार ये दोहराते रहे हैं कि उन्हें अभी तक इस बात का जवाब नहीं मिला है कि क्या रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने राफेल सौदे को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी या नहीं.

राफेल विवाद है क्या?

यूपीए सरकार ने 600 करोड़ रुपये में एक राफेल का सौदा किया था. अब बताया जा रहा है कि सरकार को एक राफेल करीब 1600 करोड़ रुपये का पड़ेगा. राफेल डील में 50 फीसदी ऑफसेट क्लॉज का प्रावधान है. यानि इस सौदे की पचास फीसदी कीमत को राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट को भारत में ही रक्षा और एयरो-स्पेस इंडस्ट्री में लगाना होगा.

इसके लिए दसॉल्ट कंपनी ने भारत की रिलायंस इंडस्ट्री से करार किया है. अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस इंडस्ट्री ने जो कंपनी बनाई है, उसके साथ मिलकर दसॉल्ट कंपनी भारत में ज्वाइंट वेंचर कर रही है. ये दोनों मिलकर भारत में नागरिक विमानों के स्पेयर पार्ट्स बनाने जा रही हैं. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि “36 राफेल आईजीए (इंटर गर्वमेंटल एग्रीमेंट) में ऑफसेट्स की मात्रा 50 फीसदी है, जिसमें योग्य उत्पादों और सेवाओं के निर्माण या रखरखाव के लिए प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण में निवेश शामिल हैं.”

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