नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के हीरो विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान सकुशल अपने देश लौट आए हैं। लेकिन सरहद पार पाकिस्तानी वायुसेना का एक परिवार चुपचाप शोक में डूबा है। उसके ही देश में उसकी पहचान छिपा दी गई। शर्मिंदगी से बचने के लिए उसकी शहादत को उसके ही देश ने मानने से इन्कार कर दिया है। उस परिवार को दुनिया के सामने आने से मनाकर ब्लैकआउट किया है।चूंकि पाकिस्तानी सेना के उस पायलट को उसके ही देश के लोगों ने मार डाला। भारतीय सीमा में एयर स्ट्राइक के मकसद से घुसे पाकिस्तानी पायलट शहाजुद्दीन को पीओके में भीड़ ने मार डाला ! कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तानी विमान एफ-16 के जिस विमान को भारतीय वायुसेना ने मार गिराया था, वह पाकिस्तानी कब्जे वाली जमीन पर गिरा था। पाकिस्तान ने पहले तो अपना विमान गिरने की बात को नकारते हुए दावा किया था, लेकिन बाद में भारतीय सेनाओं ने एफ-16 के मलबे के फोटो जारी करके अपने दावे को सही साबित किया। लेकिन अब तक एफ-16 विमान के पाकिस्तानी पायलट का क्या हुआ किसी को पता नहीं चला।Pilot of downed Pakistan Air Force F-16 Shahaz-ud-Din mistaken for Indian airman lynched by Nowshera mobदरअसल, पाकिस्तानी वायुसेना के पायलट विंग कमांडर शहाजुद्दीन भी पैराशूट की मदद से अपनी जान बचाने में कामयाब रहा था। और उतरा भी अपनी ही सरकार के कब्जे वाली जमीन पर, लेकिन यहीं उसकी किस्मत उसका साथ छोड़ गई। पाकिस्तानी ग्रामीणों ने उसे भारतीय पायलट समझकर पीट-पीटकर मार डाला। खास बात यह है कि विंग कमांडर शहाजुद्दीन के पिता वसीमुद्दीन भी पाकिस्तान वायुसेना में एयर मार्शल रह चुके हैं। वह पाकिस्तानी वायुसेना के एफ-16 और मिराज विमानों को बखूबी उड़ा चुके हैं।

दरअसल, शहाजुद्दीन के विमान के मार गिराए जाने की खबर सबसे पहले लंदन के वकील खालिद उमर ने दी थी। उनका पाकिस्तानी पायलट के परिवार से नजदीकी रिश्ता है। उमर के सोशल मीडिया के एकाउंट के मुताबिक एफ-16 विमान संभवतः लाम घाटी में जमीदोज होने से पहले ही शहाजुद्दीन पैराशूट की मदद से सुरक्षित जमीन पर लैंड कर गया था। लेकिन पाकिस्तानी विमान का मलबा देखकर भड़के पाकिस्तानियों ने उसे पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया।

उमर का दावा है कि उसे बाद में अस्पताल ले जाया गया था लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। यह विंग कमांडर पाकिस्तानी वायुसेना के 19 स्क्वाड्रन से था। पाकिस्तान में इन्हें ‘शेर-दिल्स’ के नाम से जाना जाता है, क्योंकि इस स्क्वाड्रन ने भारत से हुए 1965 और 71 के युद्ध में ‘बहादुरी’ का परिचय दिया था।

ध्यान रहे कि पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने विगत 28 फरवरी की सुबह को दावा किया था कि पाकिस्तान ने दो भारतीय विमानों को मार गिराया है और दो भारतीय पायलटों को अपने कब्जे में लिया है जिसमें से एक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन शाम को मेजर जनरल गफूर ने अपना बयान बदलते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना की हिरासत में केवल एक भारतीय पायलट है।

भारतीय सेना के एक सूत्र का कहना है कि यह संभव नहीं कि पाकिस्तानी सेना ने अपने मन से दूसरा विमान और पायलट गढ़ लिया हो। इस बात की संभावना अधिक है कि पाकिस्तानी सैन्य बल अपने ही विमान के मलबे और घायल पायलट को पहचान नहीं पाया। वह काफी देर तक एक बड़ी गलतफहमी का शिकार रहे।