एनडीटीवी ने किया चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन?

चुनाव आयोग ने तय समय के लिए किसी भी तरह के एग्जिट पोल के लिए लगा रखी है रोक
देश में 17वीं लोकसभा के गठन के लिए विभिन्न चरणों में मतदान प्रक्रिया चल रही है। छह चरणों में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सातवें व अंतिम चरण में 19 मई को वोट डाले जाएंगे। इसके बाद 23 मई को मतगणना की जाएगी। ऐसे चुनावी माहौल के बीच सरकार के गठन को लेकर तमाम चर्चाएं चल रही हैं। कोई कह रहा है कि फलां पार्टी जीतेगी, जबकि कोई किसी अन्य पार्टी की जीत के दावे कर रहा है।

हालंकि, चुनाव आयोग ने मीडिया पर इस तरह के किसी भी सर्वे को लेकर रोक लगा रखी है, लेकिन इस बारे में लोगों का मत जानने के लिए कुछ मीडिया प्रतिष्ठान अब नए तरीके आजमा रहे हैं। इस बारे में टीवी9 (TV9) के एग्जिक्यूटिव एडिटर आलोक कुमार ने अपने ट्विटर हैंडल पर एनडीटीवी की हिंदी वेबसाइट का लिंक शेयर करते हुए दिखाया है कि किस तरह से एक सवाल के माध्यम से लोगों से उनका राय हासिल की जा रही है। इस सवाल में पूछा गया है कि क्या नरेंद्र मोदी सरकार आम चुनाव के बाद सत्ता में वापसी कर पाएगी? इसके साथ ही आलोक कुमार ने यह भी कहा है, ‘मुझे लगता है कि चुनाव आयोग की गाइडलाइंस को देखते हुए हम इस तरह का सर्वे नहीं कर सकते हैं।’

I guess, we can’t do such surveys as per @ECISVEEP guidelines .. @Suparna_Singhpic.twitter.com/8OcvLYJQTv

— Alok Kumar (@dmalok) May 14, 2019
गौरतलब है कि करीब दो साल पहले इसी तरह के मामले में हिंदी अखबार दैनिक जागरण के ऑनलाइन एडिटर शेखर त्रिपाठी को आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। चुनाव आयोग के आदेश पर पुलिस ने त्रिपाठी, अखबार के मैनेजिंग डायरेक्टर और सर्वे करने वाली संस्था आरडीआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने जागरण न्यू मीडिया के अन्य अधिकारियों के घरों पर छापे भी मारे थे। इनके खिलाफ उत्तर प्रदेश विधानसभा के पहले चरण के चुनाव के बाद एग्जिट पोल प्रकाशित करने का आरोप था।

एनडीटीवी की वेबसाइट पर प्रकाशित इस पोल को आप यहां देख सकते हैं-एग्जिट पोल के लिए लगा रखी है रोक

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए पहले चरण के मतदान की तारीख अर्थात 11 अप्रैल सुबह सात बजे से लेकर अंतिम चरण अर्थात 19 मई के शाम साढ़े छह बजे तक एक्जिट पोल पर रोक लगा दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने  इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के एक्जिट पोल के संचालन तथा प्रिंट या इलेक्ट्रानिक मीडिया द्वारा इसका प्रकाशन या प्रचार अथवा किसी भी अन्य तरीके से इसके प्रसार पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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