एनडीए संसदीय दल नेता चुने गए मोदी, कहा- चुनाव ने दीवारें तोडी और दिल जोडे 

संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद नरेंद्र मोदी का अभिवादन करते वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी।
  • अमित शाह और प्रकाश सिंह बादल ने मोदी को संसदीय दल का नेता चुनने का प्रस्ताव रखा
  • मोदी ने आडवाणी, जोशी और प्रकाश बादल के पैर छुए, संविधान की प्रति को नमन किया
  • एनडीए की मीटिंग के बाद मोदी सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे
  • मां से आशीर्वाद लेने कल गुजरात जाएंगे मोदी, 28 को संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेंगे

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुना गया। नेता चुने जाने के बाद मोदी ने वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल के पैर छुए। अमित शाह और बादल ने मोदी को संसदीय दल का नेता चुनने का प्रस्ताव रखा। इसका सभी सहयोगी दलों और सांसदों ने समर्थन किया। मोदी ने कहा- इस चुनाव ने दीवारें तोड़ने और दिल जोड़ने का काम किया।

बताया जा रहा है कि बैठक के बाद मोदी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। एनडीए के इस बार 352 सांसद हैं, जिसमें से 303 अकेले भाजपा के हैं। मोदी 28 मई को वाराणसी जा सकते हैं। 30 मई को नए सांसद शपथ ले सकते हैं।

देश की जनता ने एक नए युग का आरंभ किया- मोदी

मोदी ने कहा, “आम तौर पर आचार्य विनोबा भावे इस पर बात करते थे कि चुनाव बांट देता है और दूरियां पैदा करता है, दीवार बनाता है, खाई बना देता है, लेकिन इस चुनाव ने दीवारों को तोड़ने का काम किया है। 2019 के चुनाव ने दिलों को जोड़ने का काम किया है। ये चुनाव सामाजिक एकता का आंदोलन बन गया। समता भी, ममता भी। समभाव भी, मम भाव भी। ये समता और ममता बढ़ाकर चुनाव को नई ऊंचाई मिली। शायद भारत के लोकतांत्रिक जीवन में देश की जनता ने एक नए युग का आरंभ किया है और हम इसके साक्षी हैं। रचयिता हैं, इसका दावा नहीं करते। साक्षी भाव से इन चीजों को देखेंगे और समझेंगे तो जन सामान्य की आशा-अपेक्षाओं के अनुसार हम अपने जीवन को ढाल पाएंगे।’

शाह ने कहा- मोदीजी ने 20 साल में एक भी छुट्टी नहीं ली
अमित शाह ने अपने भाषण में कहा- 20 साल से नरेंद्र मोदी ने एक भी छुट्टी नहीं ली है। एक भी दिन मैंने उनके जीवन में जरा सा भी आलस नहीं देखा। 24 घंटे में 18 घंटे काम करने वाले व्यक्ति हैं। हमने एक पारदर्शी नेता को चुनने का काम किया है। दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ और वोटबैंक की राजनीति से ऊपर उठकर फैसला लेने वाला देश ने चुना है। मोदीजी ने कठोर से कठोर फैसले लिए, मगर ये फैसले लोगों को फायदा पहुंचाने वाले थे वोट बैंक को देखकर नहीं लिए गए थे। भारत माता को जो उचित सम्मान मिलना चाहिए वह हम मोदीजी के नेतृत्व में हासिल करेंगे। गांधीजी की 75वीं जयंती पर हम 75 संकल्प रखेंगे। ये संकल्प हमारा मिशन बने और मोदीजी के नेतृत्व में हम इन्हें इसी समयसीमा में पूरा करेें।

कल गुजरात जाएंगे मोदी

इसी बीच मोदी ने ट्वीट कर कहा कि वे रविवार शाम को मां हीराबा से आशीर्वाद लेने गुजरात जाएंगे। इसके बाद 28 तारीख की सुबह अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में लोगों का आभार जताने पहुंचेंगे।
ट्रम्प-जिनपिंग को भेजा जा सकता है शपथ ग्रहण का न्योता
रिपोर्ट्स के मुताबिक- मोदी के शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को न्योता भेज सकते हैं। शपथ ग्रहण में दुनिया के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी मोदी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि को और मजबूत करेगी।

कैबिनेट में नए चेहरों को जगह मिल सकती है
नई कैबिनेट में कई नए चेहरों को जगह मिल सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं हारे गए मंत्रियों (हरदीप पुरी, केजे अल्फोंस और मनोज सिन्हा) की जगह कुछ नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। कांग्रेस के गढ़ अमेठी में राहुल गांधी को हराने वाली स्मृति ईरानी को भी कैबिनेट में अहम पोर्टफोलियो दिया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *