एक्सीडेंटल फायर से हुई सहारनपुर भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के भाई सचिन की मौत

brother of bheem army district president of saharanpur, died of accidental fire: adg

युवकों की गिरफ्तारी की जानकारी देते एडीजी।
मेरठ :सहारनपुर में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया की गोली लगने से मौत को अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मेरठ प्रशांत कुमार ने महज एक हादसा माना है। रविवार को एडीजी ने कहा कि एक्सीडेंटल फायर में सचिन की मौत होने की बात सामने आई है। इसकी पुष्टि के लिए मौका-ए-वारदात से मिले सबूत डीएनए जांच के लिए फरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
सहारनपुर में सचिन वालिया की मौत 9 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से हो गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक सचिन को सिर्फ एक गोली लगी थी, जो उसके शरीर से बरामद भी हो गई। हालांकि कुछ लोगों ने वालिया की मौत को हत्या बताते हुए इसे तूल देने की कोशिश की थी। रविवार को मेरठ जोन एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि हमें एक कमरे में खून पड़ा हुआ मिला है। कुछ लोगों ने खून के धब्बों को धोने का प्रयास भी किया। कमरे से जो फिंगरप्रिंट्स मिले हैं, उन्हें डीएनए जांच के लिए भेजा गया है।
शुरुआत में ही परिजनों की तरफ से पूरी घटना को छिपाने और खून के धब्बे साफ करने से जाहिर है कि सचिन की मौत महज एक हादसे के तहत गोली लगने से हुई है। एडीजी ने यह जानकारी उस वक्त दी जब वह सचिन वालिया की मौत का बदला लेने के लिए दंगा भड़काने की साजिश रचने वाले गिरोह का खुलासा कर रहे थे। जिन वॉट्सऐप ग्रुप्स में दंगा भड़काने की चैटिंग हो रही थी, उनकी डिस्प्ले पिक्चर पर सचिन वालिया का फोटो लगा हुआ था।
जांच से जुड़े एक पुलिस अफसर के हवाले के शनिवार को ही हादसे में मौत होने का खुलासा कर दिया था। पुलिस अफसर का कहना था कि जिस मकान में यह हादसा हुआ उसको ट्रेस कर और ताला खुलवाकर वहां से हादसा होने के कई सबूत भी पुलिस ने हासिल कर लिए। जांच में पुलिस को पता चला कि सचिन अपने दोस्तों के साथ दूसरे साथी के मकान में बैठा था। वहीं पर हथियार देखने के चक्कर में फायर हो गया और गोली मुंह पर लगकर दो दांत तोड़ती हुई गले में जाकर फंस गई, जिसके बाद सचिन गिर गया। गिरने से उसके सिर के पिछले हिस्से में कान के पास कोई चीज लगकर दूसरा जख्म हो गया। खून अधिक बहने से उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी पुलिस थ्योरी की पुष्टि कर रही है। 

पकड़े गए युवक ने खोला हर राज

आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपी
रामनगर में नौ मई को सचिन वालिया की गोली लगने से मौत हो गई थी। भीम आर्मी ने राजपूत समाज के लोगों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। इस मामले में चार युवकों को नामजद कराया गया था। करीब 24 घंटे बाद कड़ी सुरक्षा में सचिन वालिया का अंतिम संस्कार हो पाया था। हालांकि पुलिस ने पहले दिन रामनगर में सड़क पर खून की बूंदे और बाद में गली को धोने की वीडियो के आधार पर हत्या की बात को खारिज कर दिया था। पुलिस ने मुरादाबाद से फोरेंसिक टीम बुलाकर रामनगर में एक मकान से साक्ष्य इकट्ठा किया था। पुलिस उप महानिरीक्षक शरद सचान ने एक सप्ताह बाद मंगलवार को सचिन वालिया के मौत के मामले से पर्दा उठा दिया है। उन्होंने बताया कि साक्ष्यों के संकलन के आधार पर रामनगर निवासी प्रवीण उर्फ मांडा को गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ में आरोपी प्रवीण ने बताया कि नौ मई को वह रामनगर में अपनी दुकान पर मौजूद था। उसी समय सचिन वालिया ने फोन करके निहाल के घर बुलाया। जब वह निहाल के घर पहुंचा तो वहां पर सचिन के अलावा गुल्लू निवासी गलीरा, राहुल निवासी कोरी माजरा, शिवम निवासी नया गांव, नितिन, चैंकी तथा निहाल निवासी रामनगर मौजूद थे। वहां पर एक तमंचा रखा हुआ था। निहाल के मकान में पहुंचने के बाद तमंचे को सभी चेक करने लगे। जब वह तमंचा चेक कर रहा था, उसे यह नहीं पता था कि तमंचे में कारतूस फंसा हुआ है। अचानक चेक करते समय उससे तमंचे का ट्रिगर दब गया और गोली चल गई, जो सीधी सचिन वालिया के मुंह पर लगी। तमंचे को निहाल के घर पर ही छोड़कर वह सचिन वालिया को कार में लेकर तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने सचिन को मृत घोषित कर दिया। डीआईजी शरद सचान ने बताया कि पुलिस ने जांच के लिए निहाल का मकान खुलवाया तो तलाशी में न सिर्फ घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद हुआ, बल्कि चला हुआ कारतूस भी पुलिस ने घटनास्थल से बरामद कर लिया है।

सिर्फ गोली लगने की सूचना दी थी

अरेस्ट किए गए युवक को ले जाती पुलिस

अरेस्ट किए गए युवक को ले जाती पुलिस
डीआईजी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी प्रवीण ने पूछताछ में बताया है कि गोली लगने के बाद पहले तो उसे तुरंत अस्पताल की ओर लेकर भागे। रास्ते में उसने ही अपने फोन से सचिन के भाई कमल वालिया को फोन करके कहा कि सचिन को गोली लगी है, तुरंत अस्पताल पहुंचें। कमल वालिया ने यह भी पूछा कि गोली किसने मार दी, तो इस बात को छुपा गए और कहा कि यह बाद में बताएंगे, पहले तुरंत अस्पताल पहुंचे।
रास्ते में रोकने पर बताया छत से गिरा सचिन 
डीआईजी शरद सचान ने बताया कि आरोपी प्रवीण ने बताया कि रास्ते में चेकिंग कर रही पुलिस टीम ने रोक कर पूछा तो उसने सभी को यही बताया कि छत से गिरकर चोट लग गई है। अस्पताल में भी आरोपी ने यही बताया।

24 ग्रुप्स में हो रही थी हिंसा भड़काने की साजिश
सचिन की मौत के बाद वेस्ट यूपी में बदले की नीयत से जातीय हिंसा भड़काने की साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया। इस साजिश को अंजान देने की फिराक में लगे छह दलित युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक रविंद्र मार्शल आर्ट्स का इंटरनैशनल प्लेयर है और गोल्ड मेटलिस्ट भी है।
ये दलित एक साथ 24 वॉट्सऐप ग्रुप्स पर सक्रिय रहकर करीब ढाई हजार लोगों को इससे जोड़ रहे थे। अपने वायरल मैसेज में ये लोग संदेश दे रहे थे कि भाई सचिन की कुर्बानी हम बर्बाद नहीं जाने देंगे। एडीजी ने बताया कि पकड़े गए राहुल, सतवीर और रविंद्र तीनों मेरठ जिले के हस्तिनापुर क्षेत्र, वहीं दीपक मेरठ शहर, नितिन और बंटी मोदीनगर गाजियाबाद के रहने वाले हैं।

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