ऋतुराज वसन्त है घूमने का मौसम

फूलों के मौसम में प्लान करें इन जगहों की ट्रिप,प्रधानमंत्री ने लिखी वसंत ऋतु पर कविता

Poem written by the Prime Minister on the spring
प्रधानमंत्री ने लिखी वसंत ऋतु पर कविता
प्रधानमंत्री ने लिखी वसंत ऋतु पर कविता , जी हां, वसंत  पंचमी से वसंत  का  शुभ  आगमन  हो  चुका है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल गुजराती भाषा में इस सुहानी ऋतु पर अपना कवि हृदय कुछ इस तरह उड़ेला कि अटल बिहारी वाजपेयी की कवितायें याद आ गई। हालांकि उनकी हर बात की चर्चा की तरह इसकी ज्यादा चर्चा नही हुयी  वसंत पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लिखी कविता का आनंद लीजिए-
The Hindi translated version of the poem by a well-wisher–अंत में आरंभ है, आरंभ में है अंत,हिय में पतझर के कूजता वसंत।सोलह बरस की वय, कहीं कोयल की लय, किस पर है उछल रहा पलाश का प्रणय ?लगता हो रंक भले, भीतर श्रीमंतहिय में पतझर के कूजता वसंत।किसकी शादी है, आज यहाँ बन में ? फूट रहे, दीप-दीप वृक्षों के तन मेंदेने को आशीष आते हैं संत,हिय में पतझर के कूजता वसंत।The English translated version of the poem by a well-wisher–All that begins meets an end, Every end onsets a new beginning,From the heart of autumn Rises the spring…At sweet sixteen, melody of a cuckoo within On whom showers romance, the flowers of spring?Appearing poor, but rich within…From the heart of autumn Rises the spring…Who’s getting wedded in woods? Each tree is lit in festive moods!Bestowed with divine blessingFrom the heart of autumn Rises the spring…

वसन्त ऋतु वर्ष की एक ऋतु है जिसमें वातावरण का तापमान प्रायः सुखद रहता है। भारत में यह फरवरी से मार्च तक होती है। अन्य देशों में यह अलग समयों पर हो सकती है। इस ऋतु की   विशेषता  है मौसम का गरम होना, फूलो का खिलना, पौधो का हरा -भरा होना और बर्फ का पिघलना। भारत का एक मुख्य त्योहार है होली जो वसन्त ऋतु में मनाया जाता है। यह एक संतुलित  मौसम है। इस मौसम में चारो ओर हरियाली  होती है ! पेड़ों पर  नये पत्ते आते है। इस ऋतु में  लोग उद्यानो, तालाबो आदि में घूमने जाते हैं !

वसंत के रागरंग

‘पौराणिक कथाओं के अनुसार वसंत को कामदेव का पुत्र कहा गया है। कवि देव ने वसंत ऋतु का वर्णन करते हुए कहा है कि रूप व सौंदर्य के देवता कामदेव के घर पुत्रोत्पत्ति का समाचार पाते ही प्रकृति झूम उठती है, पेड़ उसके लिए नव पल्लव का पालना डालते है, फूल वस्त्र पहनाते हैं पवन झुलाती है और कोयल उसे गीत सुनाकर बहलाती है। भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है ऋतुओं में मैं वसंत हूँ।वसंत ऋतु में वसंत पंचमीशिवरात्रि तथा होली नामक पर्व मनाए जाते हैं। भारतीय संगीत साहित्य और कला में इसे महत्वपूर्ण स्थान है। संगीत में एक विशेष राग वसंत के नाम पर बनाया गया है जिसे राग बसंत कहते हैं। वसंत राग पर चित्र भी बनाए गए हैं।उत्तर भारत में ६ ऋतुएँ होती हैं- वसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, शिशिर और हेमंत।डारि द्रुम पलना बिछौना नव पल्लव के सुमन झंगूला सौहै तन छवि भारी दै पवन झुलावै, केकी कीर बतरावै देवप्रह्लादश्चास्मि दैत्यानां कालः कलयतामहम्। मृगाणां च मृगेन्द्रोअहं वैनतेयश्च पक्षिणाम्।।

प्लान करें स्प्रिंग ट्रिप

वसंत उत्तर भारत तथा समीपवर्ती देशों की छह ऋतुओं में से एक ऋतु है, जो फरवरी मार्च और अप्रैल के मध्य इस क्षेत्र में अपना सौंदर्य बिखेरती है। ऐसा माना गया है कि माघ महीने की शुक्ल पंचमी से वसंत ऋतु का आरंभ होता है। फाल्गुन और चैत्र मास वसंत ऋतु के माने गए हैं। फाल्गुन वर्ष का अंतिम मास है और चैत्र पहला। इस प्रकार हिंदू पंचांग के वर्ष का अंत और प्रारंभ वसंत में ही होता है। इस ऋतु के आने पर सर्दी कम हो जाती है, मौसम सुहावना हो जाता है, पेड़ों में नए पत्ते आने लगते हैं, आम के पेड़ बौरों से लद जाते हैं और खेत सरसों के फूलों से भरे पीले दिखाई देते हैं I अतः राग रंग और उत्सव मनाने के लिए यह ऋतु सर्वश्रेष्ठ मानी गई है और इसे ऋतुराज कहा गया है।

उत्तर भारत में लोगों ही हाड़ कंपा देने के बाद ठंड अब वापस लौटने को है। इसी के साथ ही बसंत ऋतु का आगमन होगा। बसंत से जो एक चीज जहन में आता है, वह है फूल। चाहे वो पीले-पीले सरसों के फूल हों या फिर गेंदे की बगिया, बसंत को ये फूल ही बेहद खूबसूरत बनाते हैं। न बहुत ज्यादा ठंड, न बहुत ज्यादा गरमी होने की वजह से यह मौसम घूमने के लिए भी परफेक्ट है। आइये, आपको बताते हैं उन जगहों के बारे में जो बसंत के इस मौसम में आपके परफेक्ट डेस्टिनेशन्स हो सकते हैं…

उत्तराखंड स्प्रिंग बर्ड फेस्टिवल, उत्तराखंड

उत्तराखंड स्प्रिंग बर्ड फेस्टिवल, उत्तराखंड
यूं तो उत्तराखंड के खूबसूरत पहाड़ों को आप जब भी देखेंगे ये आपको सुकून देंगे, लेकिन बसंत के मौसम में यहां की खूबसूरती देखते बनती है। सर्दियों में हिमालय पर पड़ी बर्फ जब पिघलती है तो यहां की नदियां पूरी गति से बहती हैं। इसके अलावा उत्तराखंड में इस मौसम में उत्तराखंड स्प्रिंग बर्ड फेस्टिवल लगता है जहां अलग-अलग बर्ड वाचिंग कैंप्स लगाए जाते हैं।

शालिमार बाग और निशात बाग, कश्मीरशालिमार बाग और निशात बाग, कश्मीर

कश्मीर को आप जन्नत के नाम से जानते होंगे। वैसे तो कश्मीर की वादियां ठंड में जब बर्फ से ढक जाती हैं तो बेहद खूबसूरत लगती हैं। ये वादियां जितनी खूबसूरत होती हैं, उतने ही खूबसूरत बसंत में ये दो गार्डन लगते हैं जो डल लेक के पास स्थित हैं।

कूर्ग, कर्नाटककूर्ग, कर्नाटक

कूर्ग को इंडिया का कॉफी हब कहा जाता है। मार्च और अप्रैल में जब कॉफी के फूल लगते हैं तो यह जगह बेहद खूबसूरत हो जाती है।

दार्जीलिंग, पश्चिम बंगाल

दार्जीलिंग, पश्चिम बंगाल
दार्जीलिंग काफी पुराने समय से पर्यटकों का आकर्षण रहा है। यहां घूमने का सही समय फरवरी और मार्च का महीना ही है जब यहां चाय के बगान सबसे ज्यादा आकर्षक लगते हैं।

कान्हा नैशनल पार्क, मध्य प्रदेश

कान्हा नैशनल पार्क, मध्य प्रदेश
कान्हा नैशनल पार्क में फूलों की कई प्रजातियां हैं। बसंत के मौसम में यहां घूमने से आपका रोम-रोम झूम उठेगा।

मुगल गार्डन, दिल्ली

मुगल गार्डन, दिल्ली

इस गार्डन को राष्ट्रपति भवन का आंगन भी कहा जाता है। वैसे तो आम जनता के लिए यह पूरे साल बंद रहता है, लेकिन फरवरी में कुछ दिनों के लिए इसे पर्यटकों के लिए खोला जाता है। यहां अलग-अलग तरह के खूबसूरत फूल आपका दिल चुरा लेंगे।

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