उत्तराखंड: साल की आखिरी कैबिनेट बैठक, बड़ा फैसला, नगर निगमों को असीमित वित्तीय शक्ति

राज्य में पहाड़ी, मैदानी के अलावा एक और श्रेणी बनाई गई है, ‘फ़ुटहिल’.

नगर निगमों को नए साल का तोहफ़ा... मिले असीमित वित्तीय अधिकार

राज्य सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने कैबिनेट के फ़ैसलों के बारे में जानकारी दी.
 बैठक के बाद शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने सरकार द्वारा लिए गए फैसलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वहीं, नगर निगम अधिनियम 1965 की धारा 135 और 136 में बदलाव किया गया है. उत्तराखंड कैबिनेट की सोमवार की बैठक नवगठित स्थानीय निकायों के लिए नए साल के तोहफ़े लेकर आई है. मेयर के वित्तीय अधिकार 12 गुना तक बढ़ा दिए गए हैं तो नगर आयुक्त के 20 गुना तक. नगर निगमों के बोर्ड को असीमित वित्तीय अधिकार होंगे. इसके अलावा राज्य में पहाड़ी, मैदानी के अलावा एक और श्रेणी बनाई गई है, ‘फ़ुटहिल’.  राज्य सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने कैबिनेट के फ़ैसलों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कैबिनेट के सामने 9 प्रस्ताव आए थे जिनमें से 8 को हरी झंडी दिखाई गई है.निगम के बजट में बढ़ोतरी की गई है, जिसमें नगर आयुक्त को 50 हजार से 10 लाख, मेयर को 1 लाख से 12 लाख. केवल देहरादून के मेयर को 12 लाख, अन्य  मेयर को 6 लाख और कार्यसमिति को 25 लाख व  बोर्ड की लिमिट अनिलिमिट कर दिया गया है. इस फैसले के बाद अब निगमों को शासन की ओर बजट के लिए नहीं देखना पड़ेगा. 
इस तरह उत्तराखंड हिंदुस्तान का पहला राज्य बन गया है जिसने नगर निगम को असीमित वित्तीय शक्ति दे दी है. पहले नगर आयुक्त देहरादून को 50 हज़ार की ही वित्तीय पॉवर थी जो अब 10 लाख हो गई है. पहले मेयर को  1 लाख की वित्तीय पॉवर थी जो अब 12 लाख कर दी गई है. इसके अलावा प्रदेश के बचे नगर निगमों के महापौर भी 6 लाख तक की धनराशि ख़र्च कर सकेंगे.

एक नज़र कैबिनेट के प्रस्तावों पर:-

    1. लोक सेवा आयोग से सम्बन्धित व्यवस्थाधिकारी एवं व्यस्थापक पदों की सेवा नियमावली में संशोधन किया गया है.
    1. गन्ने के समर्थन मूल्य में बदलाव  किया गया है अगेती, अर्ली वैरायटी प्रजाति का समर्थन मूल्य 327 रुपये और सामान्य प्रजाति का 317 रुपये प्रति कुन्तल निर्धारित किया गया है.
    1. उत्तराखंड भवन निर्माण एवं आवास विकास उपविधि विनियम के मानकों में संशोधन किया गया है. भवन निर्माण नीति में संशोधन कर पहाड़ों और मैदान के बीच वाले भाग में फुट हिल नीति बनेगी. देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी, टिहरी, चंपावत जिलों में प्राधिकरणों को इस पर काम करने को कहा गया है. फ़ुट हिल क्षेत्र में भवनों की ऊंचाई 21 मीटर से ज्यादा नहीं होगी. सड़क की चौड़ाई 9 मीटर से घटाकर 6.75 मीटर निर्धारित की गई है.
    1. आवासीय क्षेत्र में एकल आवासीय और व्यवसायिक भवन के लिए वन टाइम सेटलमेंट की व्यवस्था की गई है. कम्पाउन्डिग फीस में छूट दी गई है.
    1. उत्तराखण्ड भवन निर्माण और विकास उपविधि विनियम 2011 के मानक में संशोधन किया गया है.
    1. नगर-निगम अधिनियम 1965 की धारा 135 ओर 136 में बदलाव करते हुए वित्तीय अधिकार में बढ़ोत्तरी की गई है. नगर आयुक्त के वित्तीय अधिकार 50 हज़ार से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिए गए हैं. मेयर के वित्तीय अधिकार एक लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख कर दिए गए हैं. 5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले  निगम के मेयर को 12 लाख और 5 लाख आबादी से कम वाले निगम के मेयर 6 लाख रुपये के वित्तीय अधिकार दिए गए हैं. कार्यसमिति को 25 लाख और बोर्ड को असीमित वित्तीय अधिकार दिए गए.
    1. उत्तराखंड पुलिस के इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर के 33 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाएंगे. इसमें आर्म्ड फोर्स को भी शामिल किया गया है.
  1. वेतन निर्धारण विसंगति दूर की गई है. सीधी भर्ती ओर पदोन्नति के 4600 ग्रेड पे के अन्तर को दूर किया गया, लगभग डेढ़ लाख कर्मचारी लाभांवित होंगे.

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