देहरादून, । विधानसभा का शीतकालीन सत्र मंगलवार से प्रारंभ हो गया। संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी को श्रद्धांजलि देने के लिए अनुपूरक बजट व जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवथा अधिनियम को पेश करने को छोड़ सभी विषय स्थगित करने का किया अनुरोध। पीठ ने किया स्वीकार, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने श्रद्धांजलि देते हुए अनुभव किये साझा। विधानसभा में वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने 2452 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा। राजस्व मद में 1706 करोड़ और पूंजीगत मद और 746 करोड़ का अनुपूरक बजट में प्रवधान।

कांग्रेस जहां, प्रदेश की कानून व्यवस्था, गैरसैंण राजधानी, भाजपा नेता के खिलाफ उत्पीड़न के आरोप के बाद भी कार्रवाई न होने जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेगी, वहीं सरकार ने भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने को कार्ययोजना तैयार की है।

-मुंबई में उत्तराखंड भवन के लिए पांच करोड़।

-पीडब्‍ल्‍यूडी के लिए 170 करोड़ का प्रवधान।

-कृषि के लिए 365 करोड़ की व्यवस्था।

-शिक्षा के लिए 206 करोड़ की व्यवस्था।

-चिकित्सा के लिय 186 करोड़ की व्यवस्था।

-पुलिस आवसीय भवनों के लिए डेढ़ करोड़ की व्‍यवस्‍था।बजट पेश करते वित्त मंत्री प्रकाश पंत और सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत

-सर्व शिक्षा अभियान के लिए 20 करोड़ की व्यवस्था।

-रमसा के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था।

-कुंभी व्यवस्था के लिए पुलिस को 50 लाख अतरिक्त व्यवस्था।

-सड़कों के निर्माण को 170 करोड़ का प्रावधान।बताया गया कि पहले दिन अनुपूरक विधेयक को सदन के पटल पर प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी को श्रद्धांजलि दी जाएगी। बैठक में विस अध्यक्ष अग्रवाल के अलावा विस उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, विधायक खजानदास व प्रीतम सिंह शामिल थे।

इससे पहले सर्वदलीय बैठक भी हुई, जिसमें सदन को व्यवस्थित ढंग से चलाने पर चर्चा की गई। दूसरी तरफ, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्र में सरकार को घेरने के लिए सोमवार को कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में अपनी रणनीति को भी अंतिम रूप दिया। यही नहीं, भाजपा विधानमंडल दल की भी शाम को बैठक हुई, जिसमें विपक्ष के हमलों का मुस्तैदी से जवाब देने की रणनीति तय की गई।

उत्तराखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गया है। वंदेमातरम के साथ सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद प्रश्नकाल स्थगित कर दिया गया। उत्तराखंड के  पूर्व मुख्यमंत्री स्व. एनडी तिवारी को श्रद्धांजलि देकर उनके योगदान पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने भी तिवारी को भावभीनी श्रृद्धांजलि दी। उन्होंने सदन में शोक प्रस्ताव पढ़ा। तिवारी जी के निधन को एक युग का समाप्त होना बताया। उन्होंने कहा कि तिवारी जी के समय ही प्रदेश को स्पेशल पैकज मिला था। सीएम ने कहा कि प्रदेश के विकास कार्यों में तिवारी जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

सत्र में सबसे पहले सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय, निर्दलीय भीमताल विधायक राम सिंह कैडा ने पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि तिवारी ने कभी परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा नहीं दिया। तिवारी जी हर वर्ग के नेता थे।

उन्होंने कहा कि गोविंद बल्लभ पंत जी के बाद तिवारी जी सर्वमान्य नेता थे इसलिए कुमाऊं विश्वविद्यालय का नाम पूर्व मुख्यमंत्री तिवारी जी के नाम पर रखा जाए। साथ ही पद्मपुरी अस्पताल का नाम भी उनके नाम पर ही रखा जाए।

इसके बाद वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने 2452.41 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें राजस्व के लिए 1706.25 करोड़ तथा पूंजीगत कार्यों के लिए 746.16 करोड़, वेतन की मद के लिए कुल 261.96 करोड तथा अन्य मदों के लिए 228.30 करोड़ की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही अपराध से पीड़ित सहायता कोष के अंतर्गत 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

विश्व बैंक सहायक उत्तराखंड लोक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना के अंतर्गत 16 करोड़ का प्रावधान हुआ है। विशेष केंद्रीय सहायता के अंतर्गत 100 करोड़ का प्रावधान, मुंबई में उत्तराखंड भवन एवं एंपोरियम के अंतर्गत 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं पासपोर्ट सेवा तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए पुलिस विभाग के अंतर्गत समुचित प्रावधान किया गया। कुंभ व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग के अंतर्गत 50 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है।

तीन विधेयक किए जाएंगे पेश

इससे पूर्व हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में चार दिसंबर के सदन के एजेंडे को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, विधायक प्रीतम सिंह, खजानदास, विधानसभा सचिव जगदीश चंद्र, न्याय सचिव रितेश श्रीवास्तव, मुख्य शोध अधिकारी मुकेश सिंघल और अन्य अधिकारी मौजूद थे। भाजपा और कांग्रेस ने भी सोमवार को विधानमंडल दल की बैठक में अपनी-अपनी रणनीति तैयार की।  सदन में विधायकों ने 330 सवाल लगाए हैं। इनमें 30 अल्पसूचित सवाल हैं। सत्र में तीन विधेयक, एक प्रतिवेदन और एक रिपोर्ट पेश की जाएगी। विधानसभा के सचिव जगदीश चंद्र ने बताया कि सदन में उत्तर प्रदेश जमींदार विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950, उत्तराखंड संशोधन विधेयक, अनुपूरक विनियोग विधेयक व उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय संशोधित विधेयक 2018 पेश किया जाएगा। इसके अलावा सदन में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का सत्रहवां प्रतिवेदन और उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग की 2016-17 की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।

राज्यपाल की मुहर के बाद छह विधेयक बनेंगे अधिनियम

1 न्यायालय शुल्क (उत्तराखंड संशोधन) विधेयक 2018
2 उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण अधिनियम, 1964) अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश, 2002 (संशोधन) विधेयक, 2018
3 उत्तराखंड माल एवं सेवाकर (संशोधन) विधेयक, 2018
4 उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959) (संशोधन) विधेयक, 2018
5 उत्तराखंड नगर निकायों एवं प्राधिकरणों के लिए विशेष प्राविधान विधेयक 2018
6 उत्तराखंड सेवा निवृत्त लाभ (संशोधन) विधेयक 2018