उत्तराखंड में वर्षा से विनाश , दून में सात की मौत, पिथौरागढ़ में बहा पुल

रातभर से लगातार हो रही बारिश ने उत्तराखंड में तबाही मचा दी। देहरादून में दो मकानों के धवस्त होने से पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं एक के नदी में बहने की सूचना है।

रामगंगा में बाढ़ से बह गया पुल
रामगंगा में बाढ़ से बह गया पुल

देहरादून में मंगलवार रात 2 बजे से लगातार बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश से देहरादून शहर और आसपास से अब तक कुल 7 लोगों की मौत की सूचना है। वहीं नाचनी में रामगंगा का जल स्तर बढ़ने से पुल बह गया। आज सुबह करीब 05:30 बजे देहरादून के थाना बसंत विहार को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली कि शास्त्री नगर खाला क्षेत्र में एक मकान का पुश्ता ढहने से उसमें कुछ लोग दब गए हैं।

उक्त सूचना पर थाना बसंत विहार से पुलिस बल आपदा उपकरणों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस रेस्क्यू टीम द्वारा आपदा उपकरणों की सहायता से मौके से मलबे को हटाकर उसमें दबे 06 लोगों को निकालकर  तत्काल उपचार हेतु दून अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से 04 लोगों को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, शेष दो घायलों का वर्तमान में दून अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं सहसपुर के छरबा गांव में उफनाई बरसाती नदी (शीतला) की चपेट में आकर एक वृद्ध व्यक्ति तेज बहाव में बह गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे नदी से बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया|

मरने वालों की पहचान संतोष साहनी (पुत्र रामचंद्र साहनी निवासी शास्त्रीनगर खाला, वसंत विहार देहरादून, उम्र 35 वर्ष), सुलेखा देवी (पत्नी संतोष साहनी, उम्र 30 वर्ष), धीरज कुमार (पुत्र संतोष साहनी, उम्र 5 वर्ष) और नीरज कुमार (पुत्र संतोष साहनी, उम्र 3 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी तारसराय गुड़िया जिला दरभंगा, बिहार के मूल निवासी है। वहीं प्रमोद साहनी (पुत्र सखीलाल साहनी, उम्र 35 वर्ष )और जगदीश साहनी,( उम्र 70 वर्ष )घायल हैं। इनका इलाज दून अस्पताल में चल रहा है। गांधी ग्राम संगम विहार में नदी के किनारे बना एक मकान बह गया। परिवार के सदस्य बाल बाल बचे।

मूसलाधार बारिश से रिस्पना नदी का जल स्तर बढ़ा

रिस्पना नदी में बढ़ गया पानी

रिस्पना नदी में बढ़ गया पानी

मसूरी-देहरादून हाईवे कोल्हुखेत के दोनों ओर 3 घंटे से बंद है। पहाड़ी खिसकने से सड़क पर आए मलवे से हाईवे बंद हो गया है। अभी तक जेसीबी मौके पर नहीं पहुंची है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। देहरादून से रोजाना मसूरी को होने वाली दूध-सब्जियों की आपूर्ति भी बाधित हुई है।

वहीं देहरादून जिले में भण्डाल गांव कुठाल गेट के पास खाले में मालबा और पानी आ जाने से कुछ लोग फंस गए, जिन्हें रेस्क्यू करने के लिए टीम रवाना हुई। त्यागी रोड पर रेलवे लाइन के पास एक पेड़ गिर गया। जिससे आवाजाही प्रभावित हुई। मंगलवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश से रिस्पना नदी का जल स्तर भी बढ़ गया है।

जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने 11 जुलाई 2018 को तेज आंधी और बरसात को देखते हुए जनपद में स्थित समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा एक से कक्षा 12 तक के समस्त स्कूलों का अवकाश घोषित किया है। वहीं राजधानी के एशियन स्कूल की दीवार भी ढह गई है। देहरादून में बिंदाल पुल पर मौजूद एक हाई वोल्टेज टावर गिर गया, जिससे दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए।

राजधानी में रात करीब दो बजे से हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने सुबह के समय विकराल रूप ले किया। शहर की गलियां और सड़कें नालों में तब्दील हो गईं। देहरादून के कई इलाकों में जलभराव के चलते घरों और दुकानों में पानी घुस गया। एमडीडीए भगत सिंह कॉलोनी में लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान को पहुंचे। एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम लगातार रेस्क्यू में जुटी है।

वहीं, सहसपुर क्षेत्र में ग्राम छरबा में शीतला नदी के रपटे को पार कर रहे व्यक्ति की बहने से मौत हो गई। सहसपुर पुलिस ने पानी के तेज बहाव से रेस्क्यू कर व्यक्ति के शव को निकाल लिया। मृतक की पहचान अब्दुल अजीज (65 वर्ष) पुत्र मखदूम निवासी ग्राम छरबा थाना सहसपुर देहरादुन के रूप में हुई। वह आम के बाग में चौकीदारी करता था और सुवह बाग में जा रहा था। तभी पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया।

थाना नेहरू कॉलोनी को सूचना मिली की मोथरोवाला क्षेत्र में दौड़वाला के पास रिस्पना नदी में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। उक्त सूचना पर थाना नेहरू कॉलोनी से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। मृतक के संबंध में जानकारी करने पर ज्ञात हुआ की उक्त व्यक्ति राजेश पुत्र बलदेव बलवीर रोड, डालनवाला निवासी है। वह आज प्रातः थाना डालनवाला क्षेत्र से रिस्पना नदी के तेज बहाव की चपेट में आने से बह गया था।

वहीं, थाना रायपुर क्षेत्र में नफीस अहमद (50 वर्ष) पुत्र मुस्तफा अहमद निवासी एलआइजी ब्लाक एमडीडीए कालोनी रिस्पना के तेज बहाव में बह गए। सूचना पर पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाया और थाना क्लेमंटाउन क्षेत्र में दूधली से शव को बरामद किया।

इसके साथ भी बिंदाल के पास जलभराव से पांच मवेशियों की मौत हो गई। प्रेमनगर के कोटला संतूर में नदी का बहाव बढ़ने से मजदूरों की चार झोपड़ियां बही। यहां कोई जनहानि की सूचना नहीं है ।पुलिस कंट्रोल रूप से मिली सूचना के मुताबिक दून स्कूल की दीवार, गढ़वाल यूनिवर्सिटी की पुलिया भी टूट गई।

देहरादून के वसंत विहार स्थित हिल व्यू कालोनी में एशियन स्कूल के पास जलभराव हो गया। इस दौरान दीवार ढह गई। ओएनजीसी से मदद मांगने पर सीआईएसएफ की दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचकर पानी निकालने में जुटी रही।

नाचनी में बहा झूला पुल

उफान पर रामगंगा

उफान पर रामगंगा

पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश ने काफी तबाही मचाई है। यहां रामगंगा के उफान पर होने के कारण नाचनी में झूला पुल बह गया। यह पुल नाचनी और बागेश्वर को जोड़ता है। राम गंगा का रौद्र रूप देखकर लोगों में दहशत है। रात से लोग डरे-सहमे हैं।

बागेश्वर और पिथौरागढ़ की सीमा पर स्थित नाचनी झूला पुल टूटने से कपकोट विकासखंड के केंचुआ काला बेर कपड़े ग्राम सभा का दुनिया से संपर्क टूट चुका है।  ग्रामीण गांव में कैद होकर रह गए हैं। ग्राम सभाओं के 3 दर्जन से अधिक छात्र नाचनी में पढ़ते हैं। पुल टूटने से पढ़ाई की समस्या पैदा हो गई है। अब बच्चों को 7 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर नाचनी कॉलेज तक पहुंचना होगा।  इधर पूर्वी रामगंगा में आई बाढ़ से आसपास के सैकड़ों नाली खेत बर्बाद हो गए हैं। खासकर भगोना ग्राम सभा में 25 नाली खेतों पर भारी मलबा जमा हो गया है।

नदी के तेज बहाव में यहां एक जेसीबी और दो कारें बह गई हैं। नाचनी में बिजली के कई पोल बह गए हैं, जिस कारण नाचनी, मुनस्यारी और मदकोट में बिजली गुल है। झूलाघाट में भी महाकाली उफान पर है। नदी अपने साथ टीन गरडर बहा कर लाई। जिससे नदी पर बने पुल पर खतरा मंडरा रहा है।

बागेश्वर के कपकोट में सरयू नदी का पानी काफी बढ़ गया है। यहां भी नदी में कई वाहन बह गए हैं। अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो तबाही और ज्यादा बड़ सकती है। उधर, गढ़वाल में बारिश से यमुनोत्री हाईवे डबरकोट और यमुनापुल के पास बंद पड़ा है। मार्ग खोलने के प्रयास जारी हैं।

रातभर से लगातार हो रही बारिश ने उत्तराखंड में तबाही मचा दी। देहरादून में मकान के धवस्त होने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हैं। वहीं अलग-अलग स्थानों पर नदियों में बहने से तीन की मौत हो गई। बारिश के दौरान राजधानी देहरादून की सड़कों ने नालों का रूप ले लिया।

इसमें कई दोपहिया वाहन भी वह गए। इसके रिस्पना नदी के किनारे कई घरों में पानी घुसने की सूचना भी है। साथ ही दीवार व पुश्ते ध्वस्त होने की भी सूचना है। कुमाऊं के पिथौरागढ़ में राम गंगा नदी में बागेश्वर जिले को जोड़ने वाला झूला पुल बह गया। साथ ही दो वाहन के बहने की सूचना है। कुमाऊं में भारी बारिश के चलते कई मार्ग बंद हो गए।

 

मसूरी-चकराता हाईवे कैंप्टीफॉल और कांडीखाल के पास सड़क पर मलबा आने से बंद हो गया। कैंप्टीटीफॉल में जेसीबी मलवा हटाने में लगी है। वहं, कांडीखाल में सड़क पर लगातार मलबा गिर रहा है। मलबा आने से सहस्त्रधारा रोड भी बंद हो गई। मसूरी रोड़ शिव मंदिर के पास और ओल्ड मसूरी रोड में मलबा आने की सूचना है। रायपुर क्षेत्र में भी कई घरों में पानी घुसने की सूचना है।

दून के स्कूलों में अवकाश 

देहरादून के जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने अवगत कराया कि आज तेज आंधी और बरसात को देखते हुए जनपद में स्थित समस्त आंगनवाड़ी केंद्रों और कक्षा एक से कक्षा 12 तक के समस्त स्कूलों का अवकाश घोषित कर दिया गया है। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी को उक्त निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पिथौरागढ़ में मची तबाही 

पिथौरागढ़ के तल्लाजोहार क्षेत्र में बारिश ने भारी मचाई तबाही। नाचनी में उफनाई रामगंगा नदी में बागेश्वर को जोड़ने वाला 70 मीटर स्पान का झूलापुल बहा। पुल के पास खड़ी जेसीबी सहित दो वाहन नदी में बह गए। नदी किनारे रहने वाले लोगों ने सुरक्षित स्थानों में शरण ली है।

इस दौरान बिजली के कई पोल भी बह गए। मुनस्यारी मदकोट तल्ला जोहार का संपर्क भी अन्य इलाकों से कट गया। मुनस्यारी थल सहित क्षेत्र के सभी मार्ग बंद हैं।

राम गंगा नदी बागेश्वर ओर पिथौरागढ़ जिले की सीमा पर बहती है। नाचनी के बाद पिथौरागढ़ जिले में बहती है। थल में नदी के जल स्तर बढ़ने से पेयजल टैंक डूब गया है। पुलों को खतरा बना है। उधर गोरिछाल क्षेत्र में भी तबाही मची है।

बताया जा रहा है कि बागेश्वर जिले के कपकोट के क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है। इससे राम गंगा नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। साथ ही गदेरे (बरसाती नदी) नाले उफान पर हैं। बागेश्वर में कपकोट हरसिंघीयबगड मोटर मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया।

नदी किनारे दस परिवारों को हटाया 

पिथौरागढ़ में दोपहर बाद धूप खिलने से आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। मुनस्यारी के प्रवेश द्वार नाचनी में रामगंगा नदी रौद्र रूप लिए है। नदी किनारे पूर्व ब्लाक प्रमुख कुंदन सिंह बथीयाल के मकान का एक हिस्सा बह गया। नदी किनारे दस परिवारों को हटाया गया है। एक जेसीबी मशीन और मिक्सर बहे। पिथौरागढ़ जिले में नौ प्रमुख सड़को सहित 39 मोर्टर मार्ग बंद है।

खतरे के निशान के करीब पहुंचा नदियों का जलस्तर 

काली, गोरी, सरयू, रामगंगा नदिया खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं। धारचूला में काली नदी 889 मीटर पर पहुंची है, खतरे का निशान 890 मीटर है। जौलजीबी में गोरी नदी 606 मीटर पर बह रही है खतरे का निशान 606.80 मीटर है। सरयू नदी घाट में 551 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान के करीब है।

गढ़वाल मंडल में चारधाम यात्रा सुचारू है। चमोली में बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ के पास भूस्खलन से सुबह बंद हुआ हाईवे को खोल दिया गया है। पौड़ी, रुद्रप्रयाग सहित पूरे गढ़वाल में भारी बारिश हो रही है। उत्तरकाशी में गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *