देहरादून, : कैबिनेट की बैठक में छाए रहे मोदी, 50 रुपए प्रतिदिन बढ़ा होमगार्डों का वेतन, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन में साठ हजार लोगों को बुलाने का लक्ष्य तय किया गया है.

कैबिनेट की बैठक में छाए रहे मोदी, 50 रुपए प्रतिदिन बढ़ा होमगार्डों का वेतनकैबिनेट की मीटिंग में लिए फैसलों पर मीडिया को ब्रीफिंग देते मदन कौशिक.

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पीएम मोदी के कार्यक्रम पर कैबिनेट में बुधवार को विस्तार से चर्चा हुई. कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई. सत्रह प्रस्ताव कैबिनेट के सामने पेश किये गये जिनमें से चौदह को मंजूरी मिल गयी. पीएम के योग महोत्सव से जुड़े कार्यक्रम को लेकर कैबिनेट ने सबसे ज्यादा देर तक चर्चा की. अलग-अलग आयोजन समितियों पर कैबिनेट ने बातचीत की साथ ही जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है. पीएम मोदी से जुड़े इस आयोजन में साठ हजार लोगों को बुलाने का लक्ष्य तय किया गया है साथ ही आठ उच्च स्तरीय आयोजन समितियों का गठन किया गया है.

कैबिनेट ने इन प्रस्तावों पर लगाई मुहर

    • आठ अलग-अलग आयोजन समितियों का किया गया गठन
    • जोशीमठ में .401 हेक्टेअर भूमि 2.59 करोड़ शुल्क के साथ यूपी को दी जायेगी
    • उत्तराखंड सचिवालय विधायी अनुभाग सेवा नियमावली संशोधन को मंजूरी
    • पुलिस असाधारण नियमावली में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी
    • गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रुपये प्रति कुंतल करने का प्रस्ताव पास
    • प्रदेश के 5 हजार होमगार्डों का वेतन 50 रुपये प्रतिदिन बढ़ाया गया
    • उत्तराखंड खनन नियमावली 2005 में संशोधन का प्रस्ताव पास
    • उत्तराखंड की एमएसएमई नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी
    • सेवानिवृत्ति लाभ सेवा नियमावली की धारा 7 में संशोधन को मंजूरी
    • गढ़ी कैंट में पांच सितारा होटल मामले में कम्पनी को दोबारा बुलाया जायेगा
    • जुलाई में स्कूल खुलने से पहले बाजार में एनसीईआरटी किताबों की पर्याप्त उपलब्धता कराने के लिए राज्य कैबिनेट ने दो प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसके तहत 20 से 50 फीसदी कम कीमत पर सीधे एनसीईआरटी वेंडर और उत्तर प्रदेश की मौजूदा फर्म से किताबें लेने का फैसला लिया गया है।
      बता दें, किताबें खरीदने के लिए पात्र छात्र-छात्राओं के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पैसा भेजा जा चुका है, लेकिन बाजार में किताबें न होने के कारण छात्र किताबें नहीं खरीद पा रहे हैं।
      शिक्षा विभाग के अनुसार बाजार में एनसीईआरटी पुस्तकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए प्रिंटिंग और कागज खरीदने के टेंडर जारी किए थे। इसमें टेंडर प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण किताबें नहीं छप सकीं, जिसके चलते अभी तक कक्षा एक से 12वीं तक की करीब 41 लाख 22 हजार किताबें कम हैं। अब राज्य कैबिनेट ने बुधवार को शिक्षा विभाग के दो प्रस्तावों को मंजूरी दी।

      इसके तहत एनसीईआरटी वेंडर्स से दरों से 20 फीसदी कम कीमत पर किताबें उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया। साथ ही उत्तर प्रदेश में सबसे कम दरों पर पुस्तकें उपलब्ध करा रहे निविदा दाताओं से करीब 50 फीसदी कम कीमत पर पुस्तकें लेने पर भी सहमति बनी है।

      एनसीईआरटी किताबों पर कब क्या हुआ

      डेमो पिक

      डेमो पिक
      छात्र हो रहे परेशान
      सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक के सभी छात्र-छात्राओं को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, कक्षा आठ से 12वीं तक के एससी-एसटी और छात्राओं को किताबें खरीदने के लिए खाते में डीबीटी के जरिये पैसा भेजा जाता है। प्राइवेट स्कूलों के छात्र-छात्राओं और आठवीं से 12वीं तक के अन्य छात्र-छात्राओं को बाजार से किताब खरीदनी होती है। इन्हीं किताबों के प्रकाशन के लिए टेंडर प्रक्रिया लटकी हुई थी।

      एनसीईआरटी किताबों पर कब क्या हुआ
      23 अगस्त 2017 – एनसीईआरटी किताबें लागू करने का शासनादेश जारी
      16 मार्च 2018- किताबें खरीदने के लिए पैसा डीबीटी किए जाने का निर्णय हुआ और प्रिंटिंग व कागज खरीदे का टेंडर निरस्त कर अल्पकालिक निविदा आमंत्रित करने का निर्णय
      09 अप्रैल 2018- एकल निविदा प्राप्त होने पर कार्यवाही के निर्देश
      20 अप्रैल 2018- दोबारा निविदा असफल होने पर फिर अल्पकालिका निविदा के निर्देश
      21 अप्रैल 2018- महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा की संस्तुति पर सुरक्षा धनराशि (परफोरमेंस सिक्योरिटी) को पांच से घटाकर एक फीसदी करने का फैसला हुआ।

    • अब यूपी से 20 फीसदी से 50 फीसदी के बीच मार्जिन मनी पर विभाग करेगा बात
    • ऋषिकेश में परिवहन विभाग का पेट्रोल पम्प अब मेला क्षेत्र से शिफ्ट होगा

होमगार्डों और बेरोजगारों को तोहफा
राज्य सरकार ने प्रदेश के पांच हजार होमगार्डों को वेतन बढ़ोत्तरी का बड़ा तोहफा दिया है. राज्य सरकार ने इसके साथ ही कार्मिक विभाग और शिक्षा विभाग से जुड़े कई अहम फैसले लिये हैं. लोक सेवा आयोग के तहत समीक्षा अधिकारी और अन्य पदों से जुड़ी नियमावली में बदलाव किया गया है. लोक सेवा आयोग के तहत समीक्षा अधिकारी के पद अब 17 की जगह 37 होंगे. वहीं सहायक समीक्षा अधिकारी के पदों को 15 की जगह 46 किया गया. टाइपिस्ट के 2 पदों की जगह 10 पद किये जाने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी ही है. इसके साथ ही अधिकतम उम्र को बढ़ाकर 42 साल कर दी है. प्रादेशिक सेवा में एनसीसी का सी सर्टिफिकेट भी अब मान्य होगा. कैबिनेट बैठक में कर्इ महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए होने वाली तैयारी पर हुआ विचार विमर्श किया गया। साथ ही आयोजन के लिए आठ समितियां बनार्इ गर्इ, जिसका अध्यक्ष मुख्य सचिव को बनाया गया है। आयोजन के लिए करीब 60 हजार लोगों के शामिल होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें एनएसएस, शिक्षण संस्थान आदि शामिल रहेंगे। वहीं, मौके पर 25 एंबुलेंस मौके पर रहेगी। इसको लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत 14 जून को बैठक करेंगे।

कैबिनेट के कुछ अन्य महत्वपूर्ण फैसले

– सचिवालय विधायी सेवा तकनीकी नियमावली 2018 में हुआ संशोधन।

वहीं सीएम ने मंत्रियों को बारिश से निपटने के लिए भी पर्याप्त इंतजाम कराने के लिए कहा है।

– जोशीमठ के बदरीनाथ में उत्तर यूपी के पर्यटन विभाग के अतिथि गृह के लिए 401 हेक्टेयर भूमि दी गयी।वहीं बैठक में निर्णय लिया गया है कि, गढ़ी कैंट में पांच सितारा होटल का निर्माण कर रही कंपनी को सरकार पैसा वापस देगी।

– गेंहू का समर्थन मूल्य 1735 रुपये निर्धारित किया गया।

– पुलिस असाधारण सेवा नियमावली में संशोधन किया गया।

– राज्य में पांच हजार होम गार्ड हैं, उनकी सैलरी में 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बढ़ोतरी होगी, पहले 400 रुपये थे अब 450 रुपये देय होंगे।

– खनन नियमावली में आंशिक संशोधन किया गया है।

– एमएसएमई की नियमावली को मंजूरी मिली।

-उत्तराखंड राज्य सूक्ष्म लघु नियमावली 2018 का गठन हुआ।

– शिक्षा विभाग में 2018-19 के सत्र के लिए डीबीटी योजना में टेंडर प्रक्रिया में बड़ा फैसला लिया गया है।इसके साथ ही सरकार ने फैसला लिया है कि छात्रों को एनसीईआरटी की जो किताबे मुफ्त दी जानी थी वह जुलाई तक उपलब्ध हो जाएंगी। इसके लिए सरकार ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए है कि, यूपी के टेंडर रेट के हिसाब से टेंडर जारी किए जाएं। पुस्तकें प्रकाशित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया में उत्तर यूपी के प्रशासकों को आमंत्रित किया जाएगा।