ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव,सुको ने खारिज की याचिका

ईवीएम की जगह फिर से बैलेट पेपर के जरिए विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव कराए जाने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि हर मशीन में दुरुपयोग की संभावना है.

ईवीएम मशीन से ही होगा मतदान (फाइल/ PTI)ईवीएम मशीन से ही होगा मतदान (फाइल/ PTI)

नई दिल्ली, 22 नवंबर ! सुप्रीम कोर्ट Image result for सुप्रीम कोर्टने मतदान के लिए ईवीएम मशीन का विरोध करने वालों को बड़ा झटका देते हुए आगामी विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के लिए बैलेट पेपर के जरिए मतदान कराने की याचिका खारिज कर दी.देश के 5 राज्यों और 2019 में होने वाले आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कई राजनीतिक पार्टियां ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग कर रही थीं।

देश की सबसे बड़ी अदालत में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि हर मशीन में दुरुपयोग की संभावना बनी रहती है और हर सिस्टम पर संदेह जताया जा सकता है. उन्होंने चुनाव में मतदान के लिए बैलेट पेपर इस्तेमाल करने की याचिका ठुकरा दी.

सुप्रीम कोर्ट में आगामी 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर के जरिए मतदान कराने संबंधी आदेश चुनाव आयोग को जारी करने को लेकर याचिका दायर की गई थी.

देश में कई राजनीतिक दलों ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं. पिछले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने ईवीएम पर सवाल उठाया था. उन्होंने विधानसभा चुनावों में बीजेपी के पक्ष में छेड़छाड़ कर वोट डलवाने का आरोप लगाया था.

इसके बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अप्रैल, 2017 में दिल्ली नगर निगम चुनावों में ईवीएम के बजाए मतपत्रों के इस्तेमाल की मांग की गई थी. इसके बाद कई पार्टियों ने ईवीएम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.

इस पार आज देश की सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुनाते बैलेट पेपर के जरिए मतदान कराने की याचिका खारिज कर दी है। इसे सरकार की विपक्षी पार्टियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

दरअसल कुई राजनीतिक पार्टियों ने ईवीएम मशीन में गड़बड़ी को लेकर आशंका जताई थी। उनका मानना था कि चुनाव के दौरान ईवीएम मशीन के साथ छेड़छाड़ करके सत्ताधारी पार्टियां अपना राजनीतिक फायदा करने की कोशिश करती है। लिहाजा चुनावों में ईवीएम की जगह बैलेट पैपर से चुनाव कराने की मांग ने जोर पकड़ लिया था।

आपको बता दें कि कुछ समय पहले समाजवादी पार्टी की मीटिंग के बाद रामगोपाल यादव ने कहा था कि बैठक में सभी सदस्यों का मानना था कि अगला लोकसभा चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के बजाए मतपत्रों से कराया जाए। इस सवाल पर कि अगर चुनाव आयोग मतपत्र से चुनाव कराने की मांग नहीं मानता है, तो यादव ने कहा, ‘हम चुनाव आयोग के दरवाजे पर बैठ जाएंगे। ना कोई भीतर जा सकेगा और ना ही बाहर। गांधी जी की तरह देश में सत्याग्रह ही किया जा सकता है, जो हम करेंगे।’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पर निशाना साधते हुए कहा था कि सिर्फ 90 सेकेंड में ईवीएम का मदरबोर्ड बदला जा सकता है। इसके बाद कोड वर्ड के जरिए किसी एक पार्टी के पक्ष में वोट कराए जा सकते हैं। ईवीएम और वीवीपेट दोनों के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के साथ टेंपरिंग संभव है। बटन दबाने पर पर्ची तो सही निकलेगी, लेकिन वोट भाजपा को जाएगा। इसके लिए 10 प्रतिशत पर्चीयों का रेंडम मिलान जरूरी है। ये लागू हो जाए, तो किसी को दिक्कत नहीं होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *