ईद मनाते लोगों पर आतंकी गोलियां, महिला की मौत;गोली लगे युवक की हालत नाजुक  नमाज बाद सुरक्षाबलों पर पथराव

श्रीनगर में मस्जिद के पास पथराव हुआ।लोगों ने आतंकियों से समर्थन में पोस्टर लगाए।पिछले दिनों मारे गए आतंकी जाकिर मूसा के समर्थन में बैनर लहराए।

श्रीनगर में ईद की नमाज के बाद उपद्रवियों ने सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंके
  • उनके हाथों में आईएस के झंडे और मसूद अजहर जैसे आतंकियों के पोस्टर भी थे

पुलवामा. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बुधवार सुबह ईद के दिन आतंकियों ने एक घर में घुसकर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस हमले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक युवक को भी गोली लगी है। उसकी हालत नाजुक है। दूसरी तरफ श्रीनगर में ईद की नमाज के बाद कुछ लोग सड़कों पर उतर आए। उनके हाथों में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) और जाकिर मूसा के पोस्टर थे। उपद्रवियों ने सुरक्षबलों पर पथराव भी किया।

पुलिस के मुताबिक, आतंकी पुलवामा के जिस घर में घुसे वहां लोग ईद का जश्न मना रहे थे। इससे पहले कि वे कुछ कर पाते आतंकी गोलियां चलाकर मौके से फरार हो गए। मृतक महिला का नाम नगीना नगीना बानो बताया गया है। सुरक्षाबलों ने घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों की तलाश शुरू कर दी है। नगीना बानो के पति यूसुफ लोन की भी दो साल पहले अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी।

ईद की नमाज के बाद श्रीनगर में आईएस के झंडे लहराए

श्रीनगर में एक मस्जिद में नमाज के बाद कुछ लोगों ने सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया। उपद्रवियों ने पाकिस्तान और आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के झंडे भी लहराए। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर युवा थे जो आतंकी हाफिज सईद, मसूद अजहर और जाकिर मूसा के पोस्टर के साथ उनके समर्थन में नारे भी लगा रहे थे।

ईद के दिन दहशतगर्दी का शिकार हुई नगीना के पति की 2017 में आतंकियों ने की थी निर्मम हत्‍या, यह थी वजह..

आतंकियों ने 18 मई 2017 को कुछ इसी तरह नगीना बानो के पति मोहम्‍मद यूसुफ लोन की गोली मार कर हत्‍या कर दी थी.

ईद के दिन दहशतगर्दी का शिकार हुई नगीना के पति की 2017 में आतंकियों ने की थी निर्मम हत्‍या, यह थी वजह..
मई 2017 में आतंकियों ने नगीना के पति यूसुफ को गोलियों से छलनी कर हत्‍या कर दी थी. (फाइल फोटो)
 जम्‍मू और कश्‍मीर के पुलवामा में दहशतगर्दों की गोलियों का शिकार हुई नगीना बानो के परिवार पर आतंकियों का यह पहला हमला नहीं था. इससे पहले भी आतंकी नगीना के परिवार को अपनी दहशतगर्दी का शिकार बना चुके हैं. आतंकियों ने 18 मई 2017 को कुछ इसी तरह नगीना बानो के पति मोहम्‍मद यूसुफ लोन की गोली मार कर हत्‍या कर दी थी.

45 वर्षीय मोहम्‍मद यूसुफ लोन का गोलियों से छलनी शव पुलवामा के गडोरा गांव के समीप बरामद किया गया था. इस वारदात को अंजाम देने के बाद आतंकी लगातार नगीना बानों को अपना शिकार बनाने की कोशिश में थे. इस वारदात से करीब दो साल बाद आतंकियों को यह मौका मिल गया और उन्‍होंने नगीना बानो की गोलियों से छलनी कर निर्मम हत्‍या कर दी.

सुरक्षाबल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोप है कि मई 2017 में आतंकियों की गोलियों का शिकार हुए मोहम्‍मद यूसुफ लोन आतंकियों के लिए अंडरग्राउंड वर्कर के तौर पर काम करता था. आतंकियों को हर जरूरी सामान मुहैया कराने से लेकर आतंक की जमीन तैयार करने में मोहम्‍मद यूसुफ लोन ने दहशतगर्दों की खासी मदद की थी.

सूत्रों के अनुसार, यह वही दौर था, जब सुरक्षाबलों ने घाटी के मौजूद आतंकियों के सफाए के लिए व्‍यापक स्‍तर पर ऑपरेशन शुरू किए थे. सुरक्षाबलों ने अपने इस ऑपरेशन में कई आतंकियों को सफलता पूर्वक अंजाम तक पहुंचाया था. सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से आतंकी बुरी तरह से बौखलाए हुए थे. उन्‍हें शक था कि अपने बीच का कोई शख्‍स सुरक्षाबलों तक उनकी जानकारी पहुंचा रहा है.

सुरक्षाबलों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आतंकियों के इस शक का शिकार मोहम्‍मद यूसुफ लोन हो गया. आतंकियों ने मोहम्‍मद यूसुफ लोन पर सुरक्षाबलों का मुखबिर होने का आरोप लगाते हुए गोलियों की बरसात कर दी. जिसके बाद उसके शव को पुलवामा के गडोरा गांव के बाहर फेंक दिया. सूत्रों के अनुसार, अपने पति की हत्‍या के बाद नगीना बानो पूरी तरह से टूट चुकी थी.

थोड़ा संभलने के बाद उन्‍होंने अपना जीवन नए सिरे से शुरू करने का फैसला लिया और पुलवामा जिले के काकापोरा इलाके के अंतर्गत आने वाले नरबल गांव में रहने लगी. नगीना की जिंदगी में सबकुछ ठीक होना शुरू ही हुआ था, तभी आतंकियों ने नगीना पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्‍या कर दी. इस आतंकी वारदात में एक स्‍थानीय नागरिक भी गोलियों का शिकार हुआ है, जिसकी पहचान जलाउद्दीन के रूप में हुई है.

पत्‍थरबाजों के लिए घाटी में हर रास्‍ता होगा बंद, शुरू हुआ सुरक्षाबलों का नया ऑपरेशन

घाटी के नौजवानों को पत्‍थरबाजी के लिए उकसाने वाले लोगों की धरपकड़ के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) और जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस की स्‍पेशल ऑपरेशन स्‍क्‍वायड के कमांडो वाली ज्‍वाइंट टीम का गठन कर दिया गया है.

जम्‍मू-कश्‍मीर: पत्‍थरबाजों के लिए घाटी में हर रास्‍ता होगा बंद, शुरू हुआ सुरक्षाबलों का नया ऑपरेशन

सुरक्षाबलों के इस कदम से घाटी में अमन के साथ रहने वाले लोगों को भी सुकून मिलेगा. (फाइल फोटो)

जम्‍मू और कश्‍मीर की कानून-व्‍यवस्‍था से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्‍थानीय पुलिस, सीआरपीएफ और आर्मी इंटेलीजेंस की मदद भी ली जा रही है. उन्‍होंने बताया, कि सुरक्षाबलों का यह कार्रवाई, बीते वर्षों में हुई कार्रवाई से बिल्‍कुल अलग होगी. कार्रवाई को सफल बनाने के लिए सुरक्षाबलों के ज्‍वाइंट टीम ने ऐसे अराजक तत्‍वों की पहचान करना शुरू कर दिया है, जो घाटी के नौजवानों को पत्‍थरबाजी के लिए उकसाते हैं. इस अभियान में उन लोगों की भी पहचान करने की कवायद जारी है, जो पत्‍थरबाजी करने वाले नौजवानों तक आर्थिक मदद पहुंचाते हैं. उन्‍होंने बताया कि पत्‍थरबाजों के सरगनाओं की पहचान पूरी होते ही उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

पत्‍थरबाजों ने पकड़ ली है कानून की नाजुक नब्‍ज 
घाटी की कानून-व्‍यवस्‍था से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि घाटी में बेहद सोची-समझी साजिश में पत्‍थरबाजी की वारदातों को अंजाम दिलाया जाता है. दरअसल, आतंकियों के हमदर्द और पत्‍थरबाजों के सरगना यह जानते हैं कि भारतीय कानून में नाबालिगों के कड़ी सजा देने का प्रावधान नहीं है. उन्‍हें यह भी मालूम है कि सुरक्षाबल स्‍कूल और कालेज के छात्रों के प्रति सहानुभूति वाला नजरिया रखते हैं. इन्‍हीं दोनों बातों का फायदा पत्‍थरबाजों के सरगना बाखूबी उठा रहे हैं. यही, वजह है कि बीते दिनों घाटी में हुई पत्‍थरबाजी की घटनाओं में या तो 15 से 16 साल के किशोर थे या फिर स्‍कूल और कालेज में पढ़ने वाले छात्र. यही वजह है कि पत्‍थरबाजी के दौरान सुरक्षाबल किसी तरह की कार्रवाई से हिचकते रहे, जिसका फायदा उठाकर आतंकी मौके से फरार में सफल हो गए.

खास रणनीति में होगी पत्‍थरबाजों पर कार्रवाई 
सुरक्षाबल से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक कार्रवाई के नाम पर नाबालिग पत्‍थरबाजों को हिरासत में लेने के बाद हिदायत के साथ छोड़ दिया जाता था. वहीं, बालिग पत्‍थरबाजों पर ज्‍यादा से ज्‍यादा अशांति फैलाने का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाती थी, जिसमें पत्‍थरबाजों को बेहद आसानी से जमानत मिल जाती थी. जिसके बाद, ये पत्‍थरबाज एक बार फिर आतंकियों का सुरक्षा कवच बनकर सड़कों में उतर आते थे. इस बार, यह फैसला किया गया है कि उन लोगों पर पहले नकेल कसी जाए जो पत्‍थरबाजों को पत्‍थरबाजी के लिए उकसाते हैं और पकड़े जाने पर उनकी जमानत के लिए धन उपलब्‍ध कराते हैं. सुरक्षाबल की संयुक्‍त टीम इन लोगों के पहचान करने की कवायद में जुटी हुई है.

जल्‍द शुरू होगी पत्‍थरबाजों के हमदर्दों की गिरफ्तारी 
सुरक्षाबल के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि इस बार हम कोई भी कदम जल्‍दबाजी में नहीं उठाना चाहते हैं. हर संदिग्‍ध शख्‍स के खिलाफ पुख्‍ता सबूत एकत्रित किए जा रहे हैं. जिससे गिरफ्तारी के बाद उसे वाजिब सजा दिलाई जा सके. उन्‍होंने बताया कि घाटी में अलग-अलग पत्‍थरबाज को पकड़ने से बेहतर है कि उस शख्‍स को गिरफ्तार किया जाए, जिनसे पत्‍थरबाजों और आतंकियों के हमदर्दों को ऑक्‍सीजन मिल रही है. उन्‍होंने कहा कि जल्‍द ही सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई के सकारात्‍मक परिणाम घाटी में दिखना शुरू हो जाएगा. सुरक्षाबलों के इस कदम से घाटी में अमन के साथ रहने वाले लोगों को भी सुकून मिलेगा.

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