अहमदाबाद में सड़कों पर थूंकने पर कटेगा ई-चालान, 4000 CCTV कैमरे से रखी जा रही नजर

सड़कों पर थूंकने पर 100 रुपये का चालान काटा जाएगा. 7 दिनों के भीतर चालान नहीं भरने पर निगम 1000 रुपये से ज्यादा का भी दंड वसूल सकता है.अहमदाबाद नगर निगम ने यह कदम उठाया है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान का असर कई जगहों पर देखने को मिल सकता है. प्रधानमंत्री मोदी ने स्मार्ट सिटी की बात की थी. अहमदाबाद देश का पहला ऐसा स्मार्ट शहर बन गया है जहां सड़कों और खुले में थूक फेंकने पर ई-चालान कटेगा. केन्द्र सरकार के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत देश के अलग-अलग शहरों में कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं. टेक्नोलॉजी की मदद से इन प्रोजेक्ट की सफलता सुनिश्चित करना ज्यादा आसान हो गया है. अब तक वाहनों के ई-चालान काटे जाते रहे हैं. सीसीटीवी की मदद से इसको अंजाम दिया जाता है. इसी सीसीटीवी की मदद से अब सड़कों पर थूक फेंकने पर भी चालान काट दिया जाएगा.

देश में पहली बार यह व्यवस्था
अहमदाबाद के स्थानीय नगर निगम ने सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर देश में पहली बार ई-चालान से दंड वसूलना शुरू किया है. केन्द्र सरकार के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अहमदाबाद नगर निगम 32 करोड़ रुपये खर्च कर अत्याधुनिक कंट्रोल एंड कमांड सेन्टर बनाया है. पूरे शहर में 4000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.  कमांड सेंटर पर सभी कैमरे की लाइव फुटेज आती है. इसका इस्तेमाल नगर निगम मॉनिटरिंग के लिए करता है.

सीसीटीवी का होगा इस्तेमाल
फिलहाल, इन लाइव फुटेज का ज्यादा इस्तेमाल पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जाता था. साथ में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर भी इसकी मदद से ई-चालान काट दिया जाता था. लेकिन, अहमदाबाद निगम ने वाहन से सिर बाहर निकाल कर थूकने पर भी ई-चालान काटने का फैसला किया है.

100 रुपये का कटेगा चालान
अगर कोई वाहन चालक थूकता हुआ दिख जाता है तो सीसीटीवी की मदद से उसके वाहन का नंबर नोट कर लिया जाता है और रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मालिक को ई-चालान भेज दिया जाता है. डाक द्वारा भेजा गया यह ई-चालान 100 रुपये का होता है. एक सप्ताह के भीतर चालान नहीं भरने पर निगम आरोपी से 1000 या उससे भी ज्यादा का फाइन वसूल सकता है. फाइन नहीं जमा करने पर यह मामला कोर्ट में पहुंच जाता है.

सार्वजनिक जगहों पर पेशाब किया तो हज़ारों का जुर्माना

पेशाब करनाखुले में पेशाब करना या थूकना पूरी दुनिया में एक आम समस्या है

क्या आप भी अपने आस-पास रह रहे लोगों के सार्वजनिक जगहों पर थूकने या पेशाब करने की आदत से परेशान हैं.भारत में तो ये नज़ारे आम सी बात है. रेलवे स्टेशनों, सरकारी दफतरों सब जगह आपको लोग थूकते हुए मिल जाएँगे. सड़कों किनारे खुले में पेशाब करते लोग भी हमेशा दिख जाएँगे.लेकिन ऐसा नहीं है कि इस समस्या से सिर्फ भारतीय या एशियाई देश ही पीड़ित हैं.अन्य देशों में भी ये समस्या काफी है.शायद इसीलिए लंदन की एक समिति ने सार्वजनिक जगहों पर थूकने या पेशाब करने वालों के लिए ऑन द स्पॉट यानि उसी जगह पर सज़ा देने का फैसला किया है.वॉल्टहैम फॉरेस्ट ने कहा है कि उनके अधिकारी अब ऐसे लोगों को ठीक वैसी ही सज़ा देंगे जैसा वो सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा-करकट फेंकने वालों को देते हैं.जो लोग ऐसा करते हुए पाए जाएंगे उनपर 80 पाउंड का जुर्माना लगेगा यानि करीब छह से सात हज़ार रुपए.

इलाके के काउंसिलर क्लायड लोक्स के मुताबिक उन्होंने ये नियम स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद लागू किया है.पिछले साल ही लंदन की एनफील्ड काउंसिल ने इस समस्या से निपटने के लिए एक नई योजना की घोषणा की थी, लेकिन उस योजना को अब तक सरकार से मंज़ूरी नहीं मिली है.

पर्यावरण अपराध

वॉल्टहैम फॉरेस्ट का दावा है कि प्रशासन को इसके खिलाफ़ सख्त़ कार्रवाई करने और कानून लाने के लिए तैयार करने में उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी.इसके लिए सबसे पहले उन्होंने सार्वजनिक जगहों पर थूक फेंकने और पेशाब करने को ‘कूड़ा’ फेंकने की श्रेणी का अपराध साबित करना पड़ा.उनका ये कदम पर्यावरण की रक्षा के लिए चलाए जा रहे ‘वाइप इट आउट’ अभियान का हिस्सा था.परेशानी सिर्फ थूकने से नहीं बल्कि खुले में पेशाब करने से भी है.

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