अस्पताल से होने वाला संक्रमण हो सकता है जानलेवा 

मेरठ का न्यूटेमा हाॅस्पिटल दवाओं के एडमिनिस्ट्रेशन के लिए क्लोज़्ड आई.वी. सिस्टम का इस्तेमाल करता है

मेरठ, |  अस्पतालों में हाइजीनिक परिस्थितियों या खासतौर पर क्रिटिकल युनिट में बुरी गुणवत्ता के चिकित्सा उत्पादों/ कन्ज़्यूमेबल्स का इस्तेमाल मरीज़ों की सुरक्षा के साथ बड़ा समझौता साबित हो सकता है क्योंकि इससे वे मरीज़ संक्रमण का शिकार हो सकते हैं जो पहले से बीमारी से जूझ रहे हैं।  न्यूटेमा मल्टी-स्पेशलटी हाॅस्पिटल, मेरठ के एचओडी क्रिटिकल केयर एण्ड एनेस्थेसिया डाॅक्टर अवनीत राना ने कहा है कि ‘‘ऐसा अक्सर देखने में आता है कि अस्पताल में भर्ती मरीज़ वायरस, बैक्टीरिया या फंगल पैथोजन के कारण गंभीर हाॅस्पिटल एक्ववायर्ड इन्फेशन (अस्पताल से होने वाला संक्रमण) का शिकार हो जाता है। इस संक्रमण केे सबसे आम प्रकार हैं ,ब्लडस्ट्रीम इन्फेक्शन, न्युमोनिया, वेंटीलेटर असोसिएटेड न्यूमोनिया, यूरीनरी टैªक्ट इन्फेक्शन और सर्जिकल साईट इन्फेक्शन। अगर इस तरह के संक्रमण को जल्द से जल्द पहचान का इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।’’
जिन मरीज़ों में इनवेसिव प्रक्रियाएं जैसी सर्जरी की जाती है, उनमें इस तरह के संक्रमण की आशंका  अधिक होती है।  दवाएं, ब्लड या ग्लुकोज़ देने के लिए आई वी का इस्तेमोल, कैथेटर आदि अस्पतालों में संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इस तरह के संक्रमण को रोकने के लिए कुछ बेहतरीन अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों ने आधुनिक आई वी समाधानों का इस्तेमाल शुरू किया है। ये नए आईवी सेल्फ- कोलाप्सिबल पी ई कंटेनर बेहद आधुनिक हैं, जो मरीज़ की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हैं | इन्फ्यूज़न प्रिपरेशन से लेकर ड्रग एडमिक्सिंग और ड्रग डिलीवरी तक सुविधाजनक एवं सुरक्षित ऐप्लीकेशन को सुनिश्चित करती है। डाॅक्टर अवनीत राना ने बताया, ‘‘आईवी फ्लूड बोतलों को उच्च मानकों के साथ पूर्णतया सेल्फ- कोलाप्सिबल होना चाहिए ताकि फ्लूड की सही डिलीवरी को सुनिश्चित किया जा सके, आई.वी. बोतल पोर्ट सिस्टम में उचित री-सीलेबिलिटी को सुनिश्चित किया जा सके, और इन्फ्रयूज़न नेट या नीडल से पंक्चर करने पर संक्रमण न हो।  कंटेनर का डिज़ाइन संभावी सूक्ष्मजैविक संक्रमण के खतरे को कम करता है और सर्वोच्च सटीकता के साथ फ्लूड डिलीवरी को सुनिश्चित करता है जिससे मरीज़ संक्रमण से बच जाता है  हालांकि आधुनिक तकनीकों के साथ अत्याधुनिक सर्जिकल इम्प्लान्ट, जीवन रक्षक उपकरण और दवाएं इस्तेमाल की जा रही हैं,

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