रुड़की,: विवाहिता ने तीन मासूमों को गंगनहर में फेंकने के बाद खुद भी छलांग लगा दी। स्थानीय तैराकों ने चारों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीनों बच्चे दम तोड़ चुके थे। विवाहिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। प्रारंभिक छानबीन में मामला पारिवारिक कलह से जुड़ा प्रतीत होना सामने आ रहा है। फिलहाल किसी भी पक्ष की तरफ से पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है। विवाहिता का पति नई टिहरी में कबाड़ी का काम करता है।

घटना गुरुवार शाम की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक महिला अपने तीन मासूम बच्चों को लेकर गंगनहर के गणेशपुर पुल पर पहुंची। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, महिला ने एक-एक करके तीनों बच्चों को गंगनहर में फेंक दिया और इसके बाद खुद भी छलांग लगा दी। यह देख आसपास के लोग हैरत में पड़ गए, तभी वहां नहा रहे कुछ तैराकों ने महिला और बच्चों को गंगनहर से बाहर निकाला।

महिला को होश था, लेकिन तीनों बच्चे बेहोश हो चुके थे। उन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।   महिला को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उधर, अस्पताल तीन बच्चों का शव देखकर हर कोई बिलख उठा।

गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल कुमार लुंठी ने बताया कि महिला ने अपना नाम फरजाना (25 वर्ष) पत्नी अरशद निवासी सिरचंदी, थाना-भगवानपुर) बताया। दम तोड़ने वाले बच्चों सुहाना (4 वर्ष), आमिर (2 वर्ष) एवं आहद (छह माह) शामिल हैं। फरजाना का मायका लिब्बरहेड़ी में है। उसका सात साल पहले अरशद से निकाह हुआ था। पेशे से कबाड़ी अरशद फिलहाल टिहरी में रह रहा है। कोतवाल के अनुसार फरजाना ने पूछताछ में बताया कि सुबह उसका किसी बात को लेकर अपनी सास से विवाद हुआ था। इसी बात से परेशान होकर वह तीनों बच्चों को साथ लेकर गांव से रुड़की आई थी। वह बच्चों के साथ ही खुद की जिंदगी खत्म करने के इरादे से गंगनहर में कूदी थी। महिला दो माह से बीमार भी चल रही थी। मायके और ससुराल पक्ष के लोगों को बुलाया गया है। मायके पक्ष के कुछ लोग कोतवाली पहुंचे। इंस्पेक्टर ने बताया कि उनसे जानकारी ली जा रही है। पति के आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।