अनोखा रिवाज:मुस्ल‍िम शादी से पहले गणेश पूजा

राजकोट :हिंदू परिवार द्वारा पाली-पोसी गई एक मुस्लिम लड़की की शादी में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली क्योंकि इसमें दोनों ही धर्मों की परंपराओं का मिश्रण देखने को मिला। गुजरात के वेरावल की रहने वाली शबनम शेख की हाल ही में अब्बास से शादी हुई। शादी समारोह की शुरुआत गणेश पूजा से हुई। इसके बाद मौलवी ने उसका निकाह पढ़वाया। निकाह के बाद शबनम को पालने वाले मेरामन जोरा ने उसका विधिवत कन्यादान दिया। गुजरात के  वेरावल में एक मुस्ल‍िम शादी की शुरुआत गणेश पूजा से हुई. शबनम का निकाह उसे पालने वाले हिंदू परिवार ने करवाया था. उसकी अब्बास से हुए निकाह से पहले गणेश वंदना भी हुई. हालांकि गुजरात में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल का यह पहला मामला नहीं है. शबनम जब 5 साल की थी तभी उसकी मां की मौत हो गई। उसके पिता कमरुद्दीन शेख ट्रक ड्राइवर थे और उन्हें कुछ भी सूझ नहीं रहा था कि किस तरह बेटी का लालन-पालन करें। कमरुद्दीन ने अपने मित्र जोरा से मदद मांगी, जिसके बाद जोरा परिवार ने शबनम को अपने परिवार का हिस्सा बना लिया।

  • मुस्ल‍िम शादी से पहले होती है गणेश पूजा, यहां है अनोखा रिवाज 2012 में जब शबनम 14 साल की थी, तब उसके पिता कमरुद्दीन अचानक शहर से गायब हो गए और कभी नहीं लौटे। मां की मौत और पिता के लापता होने के बाद जोरा का घर ही शबनम का ठिकाना था जहां उसे अपनी मर्जी के धर्म का पालन करने की आजादी दी गई थी। जोरा के मुताबिक शबनम नियमित तौर पर नमाज पढ़ती है लेकिन हिंदू त्योहारों को भी उसी शिद्दत और उत्साह से मनाती है। शबनम जब 20 साल की हुई तो जोरा को उसके भविष्य की चिंता सताने लगी। उन्होंने कुछ स्थानीय मुस्लिम नेताओं से संपर्क किया और शबनम की शादी के लिए अब्बास नाम के एक मुस्लिम युवक को चुना।
  • मुस्ल‍िम शादी से पहले होती है गणेश पूजा, यहां है अनोखा रिवाज अब्बास जावन्त्री गांव का रहने वाला है और ऑटो रिक्शा चलाता है। रविवार को जोरा ने शबनम का कन्यादान दिया। एक ऐसे शहर में जहां कुछ सालों से दोनों समुदायों के बीच संघर्ष आम बात हो चुकी हो, वहां शबनम की शादी ने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की है। जोरा ने सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘हमने शबनम को अपनी बेटी की तरह पाला। हमने उसे अपने धर्म और अपनी भाषा को चुनने, मानने की हर तरह की आजादी दी।’ मुस्ल‍िम शादी से पहले होती है गणेश पूजा, यहां है अनोखा रिवाज शबनम कहती है, ‘मैं एक हिंदू परिवार में पली-बढ़ी जहां मुझे खुद के अपने परिवार से ज्यादा लाड़-प्यार मिला। मुझे हर तरह की आजादी मिली। मैं उन्हें अपनी असली मां-बाप समझती हूं।’

    जोरा के बेटे गोपाल कहते हैं, ‘हमने शबनम को हमेशा अपने परिवार के सदस्य के तौर पर देखा। उसके ससुराल वाले भी हमारे इस प्रस्ताव पर सहमत हुए कि शादी दोनों ही धर्म के हिसाब से होगी।’ स्थानीय मुस्लिम नेता हसम मुशागरा कहते हैं, ‘यह हिंदू-मुस्लिम एकता की सबसे बड़ी मिसाल है। दोनों धर्मों के लोगों को इससे सीखना चाहिए।’

  • मुस्ल‍िम शादी से पहले होती है गणेश पूजा, यहां है अनोखा रिवाज गुजरात में एक ऐसा इलाका भी है, जहां निकाह में कई हिंदू रीत‍ि रिवाजों को फॉलो किया जाता है. इसमें गणेश पूजा, गाय पूजा और फुलेकू भी. फुलेकू में दूल्हा दुल्हन को शादी के बाद पूरे गांव में घुमाया जाता है. गुजरात के कच्छ का रण के बन्नी इलाके में रहने वाला मल्धारी मुस्ल‍िम समुदाय इस तरह के हिंदू रीति रिवाजों का पालन करता है.पशु पालने वाला ये समुदाय बंटवारे के समय पाकिस्तान के सिंध इलाके से आकर बसा है.
  • मुस्ल‍िम शादी से पहले होती है गणेश पूजा, यहां है अनोखा रिवाज टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार इस समुदाय पर एक रिसर्च हुआ, जिसपर यह निकलकर आया कि इनकी शादियों में हिंदू रीति रिवाज आम हैं. 18 हजार से ज्यादा जनसंख्या वाले बन्नी इलाके में हिंदू मुस्ल‍िम म‍िलकर सारे त्योहार भी मनाते हैं. साथ ही अगर कोई हिंदू मुस्लिम समारोह में पहुंचता है तो समुदाय नॉनवेज भी नहीं खाता है. बन्नी या पिरांजा पट नाम से जाने जाने वाले इस इलाके में शादी समारोह में गणेश पूजा के अलावा हल्दी और मंडप जैसी हिंदू रीति रिवाज भी होते हैं.मुस्ल‍िम शादी से पहले होती है गणेश पूजा, यहां है अनोखा रिवाज
  • आपको बता दें कि टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात के  वेरावल में शबनम की शादी में भी निकाह से पहले गणेश पूजा की रस्म हुई.
  • मुस्ल‍िम शादी से पहले होती है गणेश पूजा, यहां है अनोखा रिवाज शबनम को उसके पिता ने हिंदू परिवार को सौंप दिया था. 20 साल के होने पर मेरामन जोरा के हिंदू परिवार ने उसकी शादी अब्बास नाम के युवक से करवा दी. जोरा के मुताबिक शबनम नियमित तौर पर नमाज पढ़ती है लेकिन हिंदू त्योहारों को भी उसी शिद्दत और उत्साह से मनाती है.
  • मुस्ल‍िम शादी से पहले होती है गणेश पूजा, यहां है अनोखा रिवाज वहीं आपको बता दें कि सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल बनना आसान नहीं होता है. मध्यप्रदेश में एक मुस्ल‍िम युवक द्वारा अपने हिंदू दोस्तों को भेजे गए कार्ड में गणेश भगवान की तस्वीर लगाने पर काफी धमकी मिली थी. उसके और उसके परिवार के खिलाफ फतवे तक की धमकी दी गई थी.
  • मुस्ल‍िम शादी से पहले होती है गणेश पूजा, यहां है अनोखा रिवाज जोरा के बेटे गोपाल ने बताया कि उन्होंने हमेशा से शबनम को अपने परिवार का हिस्सा माना और उसे हर तरह की आजादी दी गई. शबनम के ससुरालवाले भी निकाह के दौरान हिंदू रीति रिवाजो के लिए मान गए थे.

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